शिलान्यास के बाद ठंडे बस्ते में चला गया था प्रोजेक्ट, अब 3.36 करोड़ की मंजूरी
संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल से जुड़े कान, नाक एवं गला रोग (ईएनटी) अस्पताल के नए भवन निर्माण को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। शिलान्यास के करीब तीन साल बाद सरकार ने दुबारा 3 करोड़ 36 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। नक्शा तैयार हो चुका है और वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो मार्च से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ईएनटी अस्पताल के लिए यह राशि वर्ष 2023 में भी स्वीकृत हुई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से समय पर काम शुरू नहीं हो सका। नतीजतन यह राशि वापस सरकारी खाते में जमा हो गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा के संज्ञान में मामला आने के बाद दोबारा सरकार के समक्ष फाइल प्रस्तुत की गई, जिस पर अब स्वीकृति मिल सकी है।
23 अगस्त 2023 को हुआ था वर्चुअल शिलान्यास
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 23 अगस्त 2023 को ईएनटी अस्पताल भवन का शिलान्यास किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया था। शिलान्यास पट्टिका पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल सहित कांग्रेस नेता डॉ. बीडी कल्ला, परसादीलाल मीणा, लालचंद कटारिया और विधायक सिद्धी कुमारी के नाम अंकित हैं। शिलान्यास के बाद भी परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। तीन साल के अंतराल में निर्माण लागत में इजाफा होना तय माना जा रहा है। ऐसे में या तो सरकार से अतिरिक्त बजट की मांग की जाएगी या फिर दानदाताओं की मदद से काम को गति दी जाएगी।
मरीज बढ़े, जगह कम पड़ी
ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक सामौर ने बताया कि मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मौजूदा भवन में पर्याप्त जगह नहीं होने से उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नए भवन की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि चार साल पहले जहां ईएनटी विभाग की ओपीडी करीब 150 मरीज प्रतिदिन थी, वहीं अब यह संख्या 400 के आसपास पहुंच गई है। वर्तमान भवन मरीजों के दबाव को संभालने में सक्षम नहीं है, इसलिए नए भवन का निर्माण जरूरी हो गया है।