मैच के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वांग में कलाकार मैदान में पहुंचे तो दर्शकों ने तालियों और “मोदी–मोदी” के नारों से स्वागत किया।
होली के उल्लासपूर्ण माहौल में शहर का धरणीधर खेल मैदान शनिवार को अनोखे दृश्य का साक्षी बना। मैदान पर देवता, भूत-पिशाच, संत-महात्मा, दिग्गज नेता और फिल्मी सितारों के स्वांग धरे कलाकारों ने फागणिया फुटबॉल को रंग, हास्य और संदेश से भर दिया। ‘बुरा न मानो होली’ के भाव के साथ हुए इस मुकाबले में महिला टीम ने पुरुष टीम को 3–2 गोल से पराजित कर सबका दिल जीत लिया।
मोदी के आगमन से गूंजा मैदान
मैच के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वांग में कलाकार मैदान में पहुंचे तो दर्शकों ने तालियों और “मोदी–मोदी” के नारों से स्वागत किया। स्वांग में ही ब्रह्मा, भगवान शिव और संत-महात्माओं से आशीर्वाद लेने का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं प्रेमानंद महाराज के स्वांग के पास लोग आशीर्वाद लेने को उत्सुक दिखे।
महिलाओं की टीम का दमदार प्रदर्शन
आयोजन समिति के सचिव सीताराम कच्छावा के अनुसार पुरुष टीम में देवता, संत-महात्मा, जवान और भूतों के स्वांग शामिल थे, जबकि महिला टीम में फिल्मी अभिनेत्रियों, राजस्थानी महिलाओं, युवतियों और राजनीति से जुड़े पात्रों के स्वांग रहे। महिला टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 3–2 से जीत दर्ज की।
उद्घाटन में पहुंचे जनप्रतिनिधि
समिति अध्यक्ष कन्हैयालाल रंगा ने बताया कि मैच का उद्घाटन जेठानंद व्यास ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में बी. डी. कल्ला और भाजपा नेता सत्यप्रकाश आचार्य मौजूद रहे। अतिथि रूप में संत रामदास महाराज, जोगेंद्र शर्मा, किशोर आचार्य और किशन चौधरी ने भी शिरकत की।
मोदी-वसुंधरा ‘मंत्रणा’ बनी चर्चा
मैदान पर वसुंधरा राजे के स्वांग के साथ मोदी स्वांग की लंबी बातचीत दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रही। स्वांग के जरिए प्रदेश की राजनीति और आगामी चुनावों पर कटाक्ष और संवाद ने खूब मनोरंजन किया।
स्वांग कलाकारों की लंबी फेहरिस्त
फागणिया फुटबॉल में ब्रह्माजी, महाराणा सांगा, अघोरी बाबा, चार्ली चैपलिन, शिवाजी, राधा, स्पाइडर-मैन, माराडोना, मिकी-माउस, डॉक्टर, राजस्थानी पात्रों सहित अनेक फिल्मी और ऐतिहासिक किरदारों के स्वांग देखने को मिले, जिन्होंने दर्शकों को ठहाकों और तालियों पर मजबूर किया।
इन कलाकारों ने निभाई भूमिकाएं
कन्हैयालाल रंगा, भंवरलाल बोहरा, दिलीप बिस्सा, श्याम किराडू, रामकुमार रंगा, देवेश भाटी, नवीन बिस्सा, विनोद महात्मा, यश मारू, आदित्य छंगाणी, श्याम देरासरी, कुशल बोहरा, गोपाल पुरोहित, दीपक, माधव आचार्य, देवकिशन, रौनक, अशोक कुमार, सम्यक आचार्य, केशव ओझा, अनिल व्यास, विष्णु पारीक, अनादी पारीक, बटुक छंगानी, हर्षवर्धन, नितेश शर्मा, खुशी, मुदित मारूप, पंकज ओझा, बी.डी. पुरोहित, रुद्र टाक, शशांक सहित अनेक कलाकारों ने विचित्र वेशभूषा और स्वांग धारण कर आयोजन को यादगार बनाया।
परंपरा, हास्य और संदेश का संगम
फागणिया फुटबॉल ने एक बार फिर साबित किया कि यह आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि लोकपरंपरा, सामाजिक संदेश और सामूहिक उल्लास का उत्सव है, जहां रंग, रूप और भूमिका सब बराबर हैं।