आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए राजस्थान कृषक साथी योजना
ठुकरियासर. राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के अंतर्गत फसलों को नील गाय व आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए राजस्थान कृषक साथी योजना व नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑइल सीड के तहत किसानों को अनुदान पर कांटेदार तारबंदी की सुविधा दी जाएगी।
इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 मई से शुरू हो होंगे। पीएनबी के कृषि अधिकारी एवं नेशनल यूथ अवॉर्डी सुधेश पूनियां ने बताया कि विभाग की ओर से वर्ष 2022-23 के लिए गाइड लाइन व लक्ष्य जारी कर दिए गए है। इस योजना में किसानों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाता है। लक्ष्य से 1.5 गुना आवेदन पत्र प्राप्त होंगे तो चयन लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत बीकानेर जिले में 1लाख 68 हजार 600 मीटर तारबन्दी का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से लघु व सीमांत किसानों के लिए 50600 मीटर का लक्ष्य निर्धारित है।
योजना की गाइडलाइन
योजना के प्रावधान के अनुसार किसान को न्यूनतम 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि होने पर अधिकतम 400 रङ्क्षनग मीटर तक तारबंदी के लिए उसकी लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह पेरीफेरी के किसानों व सामुदायिक आधार पर खेती करने वाले सभी श्रेणी के किसानों के लिए भी दो या दो से अधिक किसानों के समूहों को न्यूनतम 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि पर तारबंदी की लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपए अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। तारबंदी का क्षेत्र 400 रङ्क्षनग मीटर से कम होने पर अनुपात में अनुदान मिलेगा। वहीं लघु एवं सीमांत किसान को तारबंदी की लागत के 50 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत की दर से या अधिकतम 48 हजार रूपए का अनुदान दिया जाएगा।
ये दस्तावेज जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, जमाबंदी, बैंक खाते की पासबुक, तार बंदी करने पर आवश्यक बिल की कॉपी आदि दस्तावेजों के साथ किसान नागरिक सेवा केंद्र या ई मित्र के माध्यम से राज किसान साथी पोर्टल पर अपना आवेदन कर सकते हैं।
इनका कहना है
राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के तहत तारबन्दी की योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 मई से शुरू हो जाएंगे। किसानों को 400 रङ्क्षनग मीटर पर अधिकतम 40 हजार रुपए का अनुदान देय है। अधिक जानकारी के लिए कृषक संबंधित कृषि पर्यवेक्षक से या नजदीकी कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
रमेश भाम्भू, सहायक कृषि अधिकारी, श्रीडूंगरगढ़