बीकानेर

पीबीएम अस्पताल में बदहाली: अधिकतर लिफ्ट खराब, मरीज हो रहे परेशान

संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ रही है।
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Updated: 7 Mar 2018, 1:01 PM IST
PBM hospital
पीबीएम अस्पताल

बीकानेर . सरकार भले ही आमजन को सस्ता व सहज इलाज मुहैया कराने का दावा कर रही हो, लेकिन संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ रही है। मरीजों को इलाज समय पर नहीं मिल रहा और इलाज कराने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।

वार्डों में बेड पर गंदी चादर बिछाई जा रही है। पीडि़तों को जांच कराने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिल रहा। वार्डों में स्ट्रेचर है, लेकिन स्ट्रेचरों पर ग्लूकोज व वार्डों का सामान ढोया जा रहा है। मरीज को जांचों के लिए परिजन सहारा देकर या गोद में उठा कर ले जाते हैं।

पीबीएम अस्पताल में अधिकतर लिफ्टें कई दिनों से बंद हैं। मर्दाना, हार्ट हॉस्पिटल में लिफ्ट बंद पड़ी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। ऑपरेशन वाले एवं गंभीर मरीजों को सीढिय़ों या रेम्प से जाना पड़ता है। इस संबंध में जनप्रतिनिधि पीबीएम अस्पताल प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

आश्वासन अधूरा
पीबीएम अस्पताल में ऊपरी मंजिल पर एक भी दवा वितरण केन्द्र नहीं है, जिससे मरीजों को दवा लेने के लिए मुख्य गेट के पास चार नंबर डीडीसी पर दवा लेने आना पड़ता है। पहले अस्पताल प्रशासन ने एक डीडीसी ऊपरी मंजिल पर खोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक नहीं खोला गया।

वार्डों, गैलरी में गंदगी
अस्पताल में सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद वार्डों, शौचालयों एवं परिसर में गंदगी फैली रहती है। वार्डों के पास बने शौचालय गंदगी से अटे रहते हैं। गंदगी और बदबू से मरीज-परिजनों के साथ स्टाफ भी बेहाल रहता है। सफाई व्यवस्था की भी मॉनिटरिंग नहीं हो रही है।

ठेकेदार शर्तों के मुताबिक न तो सफाई वाली मशीनें लाया और ना ही पूरे सफाईकर्मी लगाए हैं। अस्पताल परिसर में मुख्य सड़क के पास वाली दीवार के पास हमेश गंदगी और बदबू पसरी रहती है। अस्पताल के अधिकारी यहां से आते-जाते हैं, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।

मनमर्जी से वाहन पार्क
अस्पताल परिसर में आमजन तो दूर चिकित्सक एवं स्टाफ भी पार्किंग के निर्धारित स्थानों पर अपने वाहनों को खड़ा नहीं करते हैं। वाहन पार्क करने को लेकर अक्सर चिकित्सकों व सुरक्षाकर्मियों में बहस होती रहती है। पिछले दिनों एक गायनिक चिकित्सक के साथ भी सुरक्षाकर्मियों की बहस हुई थी। अस्पताल पहुंचने वाले लोग भी मनमर्जी से वाहन पार्क करते हैं, मना करने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं।

करेंगे कार्रवाई
&चादर अतिरिक्त हैं। इसके बावजूद वार्डों में बेड पर गंदी व बदबूदार चादरें बिछाई जा रही हैं तो मैटर्न के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते हैं। सफाई व्यवस्था में चूक होने पर हर माह पेनल्टी वूसलते हैं। लिफ्टें बंद हैं, उनकी वारंटी का मसला है। दीवार के पास पेशाब करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटेंगे।
डॉ. पीके बैरवाल, अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल

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