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Rajasthan : दीपावली की खरीदारी में छोटे नोटों की भारी किल्लत, ग्राहक और व्यापारी परेशान

Bikaner : दीपावली की खरीदारी के लिए बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन छोटे नोटों और सिक्कों की कमी ने दुकानदारों की मुश्किल बढ़ा दी है।
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बीकानेर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 5 Nov 2026, 5:49 PM IST

bikaner diwali shopping small denomination currency notes shortage

Bikaner : प्रतीकात्मक फोटो एआइ से बनाया गया है।

Rajasthan : बज्जू (बीकानेर) . दीपावली की खरीदारी के लिए बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन छोटे नोटों और सिक्कों की कमी ने दुकानदारों की मुश्किल बढ़ा दी है। बाजार में 200 और 500 रुपए के नोट तो खूब पहुंच रहे हैं, लेकिन 5, 10, 20 और 50 रुपए के नोटों के लिए दुकानदारों को मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि ग्राहक 20-30 रुपए का सामान खरीदने के लिए 200 या 500 रुपए का नोट थमाते हैं तो दुकानदार का पहला सवाल होता है…‘भाई साहब, छुट्टे हैं क्या?’

गल्ले में बड़े नोट, खुले पैसों की तलाश

बज्जू (बीकानेर) के व्यापारियों के अनुसार दिनभर की बिक्री से बड़े नोट गल्ले में जमा हो रहे हैं, लेकिन छोटी रकम लौटाने के लिए पर्याप्त खुले पैसे नहीं मिल रहे। किराना दुकानों से लेकर फल-सब्जी के ठेलों तक यही स्थिति है। जिन दुकानदारों के पास छोटे नोट और सिक्के हैं, उनसे आस-पास के व्यापारी भी चिल्लर लेने पहुंच रहे हैं। कई बार ग्राहक को शेष राशि लौटाने के लिए दूसरे दुकानदारों से खुले पैसे जुटाने पड़ते हैं। इससे लेन-देन में समय लग रहा है और खरीदारी भी प्रभावित हो रही है।

छोटी खरीदारी में भी अटक रहा लेन-देन

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक अक्सर बाजार में 20 से 40 रुपए तक की छोटी खरीदारी करते हैं। बड़े नोट से भुगतान करने पर छुट्टे लौटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कई ग्राहक अब पहले से खुले पैसे लेकर बाजार पहुंच रहे हैं। दुकानदार भी ग्राहकों से छोटे नोटों में भुगतान करने का आग्रह कर रहे हैं।

डिजिटल भुगतान के भरोसे भी पूरी राहत नहीं

यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों का चलन बढ़ा है, लेकिन कस्बे के बाजार में नकदी की जरूरत अब भी बनी हुई है। बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई ग्राहक नकद भुगतान को प्राथमिकता देते हैं। वहीं, सभी ठेलों और छोटी दुकानों पर डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जहां यह सुविधा है, वहां नेटवर्क या सर्वर की समस्या के कारण भुगतान अटकने की स्थिति भी बन जाती है। व्यापारियों का कहना है कि दीपावली पर बाजार में लेन-देन सामान्य दिनों से अधिक रहता है। ऐसे में बैंकों को 10, 20 और 50 रुपए के नोटों के साथ सिक्कों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि दुकानदारों और ग्राहकों को राहत मिल सके।