
बारह गुवाड़ चौक में हेडाऊ मेहरी रम्मत का मंचन
बीकानेर. 'छैला मारु हालो तो ले हालो महाराजा रै बागÓ, 'चालो-चालो नगीने रे देशÓ, 'घूंघट का पट खोलो प्यारी, परण्या लागै सदा ही प्याराÓ सरीखे गीत-संवादों केबीच प्रेम और शृंगार रस से ओत-प्रोत हेडाऊ मेहरी रम्मत का मंचन बारह गुवाड़ चौक में मंगलवार मध्यरात्रि बाद हुआ। भगवान गणेश स्वरूप के अखाडे़ में अवतरण के साथ रम्मत का आगाज हुआ।वरिष्ठ कलाकार शांति लाल पुरोहित, राधा किशन पुरोहित और बुलाकी दास पुरोहित के सान्निध्य में रम्मत का मंचन हुआ। हेडाऊ, नुरसा और मेहरी पात्रों के माध्यम से मंचित रम्मत में पारम्परिक गीत और दोहे गाए गए। इस दौरान रम्मत के रूसणो, मनावणो, नीम्बूडो, छैला मारु, थोरा वचन, हिण्डो, घूंघटड़ो, क्यू मरोड़ी, पायल, नगीनो, गीगो, मजमोनी, दारुड़ो आदि गीत गाए गए। रम्मत में हेडाऊ और नुरसा के संवाद गूंजते रहे। मेहरी पात्रों ने नृत्य प्रस्तुत किए।
इन्होंने निभाई भूमिका
रम्मत में राधाकिशन पुरोहित, सीन महाराज, बृजमोहन, बीआर सूरदासाणी, भंवर लाल, भैंरुरतन, विजय कुमार, कैलाश, कन्हैया लाल, मनोज कुमार, बिट्टू, मुरली मनोहर, पूनमचंद, शिवशंकर, किशन लाल, रमेश व्यास, गवरी शंकर, जगमोहन, जयनारायण, विजय शंकर, राधेश्याम, गिरधारी, मेघराज, आशानन्द पुरोहित आदि ने भूमिकाएं निभाई। नगाड़े पर कन्हैया लाल, शिव कुमार, गोविन्द, गौरव ने संगत दी।
कार्यक्रम आज-
हेडाऊ मेहरी रम्मत
स्थान -बारह गुवाड़ चौक
समय- सुबह
..............................
ओझा-छंगाणी डोलची खेल
स्थान-बारह गुवाड़ चौक
समय-दोपहर २ बजे
....................................
नृसिंह मंदिर में पुष्प होली
स्थान- डागा चौक नृसिंह मंदिर
समय- शाम ७ बजे बाद
........................................
होलिका दहन
स्थान- शहर में विभिन्न स्थानों पर
समय- रात ९.१५ बजे बाद