
बीकानेर. बीकानेर स्टेट (Bikaner State) का भारत में विलय 72साल पहले सात अगस्त को ही हुआ था और बुधवार को विलय की वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। बीकानेर (Bikaner) में रियासतकाल से देश की आजादी की अलख जगनी शुरू हो गई थी और देश आजादी से सात दिन पहले ही बीकानेर का भारत में विलय हो गया था। इन 72 सालों में बीकानेर शहर में विकास के नए सोपान भी स्थापित किए हैं।
राव बीका ने की थी स्थापना
बीकानेर (Bikaner) के तत्कालीन महाराजा सादुल सिंह ने दिल्ली में 7 अगस्त, 1947 को बीकानेर(Bikaner) रियासत के भारत में विलय-पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। उसके बाद 15 अगस्त, 1947 को हिन्दुस्तान में राष्ट्र ध्वज फहराकर आजादी का जश्न मनाया गया था। बीकानेर के इतिहासकार ठाकुर महावीर सिंह तंवर दाउदसर ने बताया कि बीकानेर राज्य (Bikaner State) की स्थापना विक्रम संवत १५४५ में राव बीका ने की थी। उन्होंने बताया कि महाराजा सादुल सिंह २२वें शासक थे। वे १९४३ को गद्दी पर बैठे, लेकिन १९४७ तक ही गद्दी पर रह सके। रियासतकाल में बीकानेर राज्य की सीमाएं श्रीगंगानगर (sri ganganagar), हनुमानगढ़, चूरू को शामिल करते हुए नागौर तक लगती थी।