
महाजन. कस्बे में रेलवे स्टेशन को जाने वाले मुख्य रास्ते पर बनी नहर पुलिया के कारण हादसों की आशंका बनी हुई है। पुलिया की चौड़ाई कम होने व दीवार भी नीची होने से कभी भी हादसा हो सकता है। गौरतलब है कि कंवरसेन लिफ्ट नहर पर आरसीपी कॉलोनी के पास कस्बे से रेलवे स्टेशन को जाने वाले रास्ते पर यह पुलिया बनी हुई है।
वर्षों पुरानी इस पुलिया की चौड़ाई महज दो फीट होने व इसकी दीवार भी एक-डेढ़ फीट ऊंची होने से परेशानी बढ़ रही है। मजे की बात यह है कि पुलिया की चौड़ाई कम होते हुए भी पेयजल व टेलीफोन की पाइप लाइन भी डाली होने से सुरक्षित निकलना कठिन है। पुलिया के दोनों किनारों पर लगे लोहे के चक्कर तो वर्षों पूर्व ही गायब हो चुके है। इस रास्ते से दिन-रात रेल यात्री व वार्ड संख्या 12 व 13 के नागरिकों का आवागमन रहता है।
टेल तक पानी नहीं पहुंचने से रोष
दियातरा. इन्दिरा गांधी नहर परियोजना की श्रीकोलायत वितरिका के अंतिम छोर के काश्तकारों को रविवार को वरीयता का पानी छोड़ा गया। वरीयता सोमवार को खत्म होने जा रही है। इससे दियातरा, माधोगढ़ व गुड़ा गांवों के काश्तकारों को सिंचाई पानी मिलता नजर नहीं आ रहा है। टेल तक पानी नहीं पहुंचने से यहां के किसानों में निराशा व्याप्त है। किसान सिंचाई पानी पहुंचने का तीन दिन से इन्तजार कर रहे थे लेकिन वे निराश होते नजर आ रहे हैं।
वरीयता का सिंचाई पानी कोलायत वितरिका के 36 किमी के आसपास ही पिछले तीन दिनों से चल रहा हैं। टेल तक पानी नहीं पहुंचने पर किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि परियोजना के उच्चाधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। सिंचाई पानी के अंतिम टेल की तरफ नहीं बढऩे से रबी की फसलों की बुआई समय पर होने में संशय बनता नजर आ रहा है। श्रीकोलायत वितरिका के काश्तकार नरसिंह गेदर ने बताया की नहर प्रशासन को हर बार की तरह इस बार भी रबी की फसल बुआई से पहले ही अवगत करा दिया लेकिन नहर विभाग ने कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
यह है मुख्य समस्या
इंगांनप की वितरिका में सरकार द्वारा छह इंच की सिंचाई पानी के लिए नाल मंजूर है लेकिन कुछ काश्तकारों ने श्रीकोलायत वितरिका में नहरबंदी के समय उस नाल को निकाल कर आठ इंच की नाल लगा ली है। इसके कारण पानी आगे नहीं बढ़ पाता है।
करेंगे कार्रवाई
श्रीकोलायत वितरिका के सहायक अभियंता सुरेश कुमार बलाई ने बताया की नहरबंदी के समय कुछ काश्तकारों ने इन नालों के साथ छेड़छाड़ की है। वितरिका में इन आठ इंच की नालों पर वरीयता खत्म होने के बाद कार्रवाई करेंगे।