
बीकानेर . परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं सूर्य नारायण भगवान से अरदास कर रही हैं। मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देवीकुंड सागर तालाब पर साकार हो रहा था। मौका था श्री सरस्वती पूजा समिति के तत्वावधान में छठ महापर्व के आयोजन का। बीकानेर में बड़ी संख्या में रह रहे बिहार, उत्तर प्रदेश क्षेत्र समुदाय के लोगों ने अपनी परम्परा के अनुसार छठ महापर्व मनाया। महिलाओं ने पानी में खड़े होकर डूबते सूरज को अघ्र्य दिया। इसके बाद आटे और गुड़ के मिश्रण से बना ठेकुआ, नारियल, कच्ची अदरक, हल्दी, सूतली, पीठा, धूप-दीप, फल, पुष्प मालाएं सूर्य को अर्पित कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
जमकर हुई आतिशबाजी: छठ पर्व की खुशी में तालाब परिसर में जमकर आतिशबाजी की गई। व्रत करने वाले परिवार के सदस्य नए वस्त्र पहन कर तालाब पर पहुंचे और जमकर पटाखे छोड़े। तालाब में गड्ढे खोदकर अलग-अलग पाळ बनाई गई। शाम ढलने के साथ ही तालाब परिसर रोशनी से जगमगा उठा। देवीकुंड सागर पर छठ पर्व को लेकर मेले सा माहौल रहा। डीजे पर मैथेली भाषा के गीत गूंज रहे थे।
आज खोलेंगे उपवास : छठ पर्व पर व्रती महिलाएं और पुरुष बुधवार को सुबह उगते हुए सूर्य को अघ्र्य देकर उपवास खोलेंगे। श्रद्धालु अपने हाथों से प्रसाद का वितरण करके उपवास का पारना करेंगे। छठ पूजा महापर्व के लिए श्री सरस्वती पूजा समिति के राजेन्द्र मिश्र, डॉ. आरपी सिंह सहित समिति के पदाधिकारियों ने भागीदारी निभाई।