जिला उपभोक्ता संरक्षण मंच ने उपभोक्ताओं के तीनों मामलों पर निर्णय सुनाते हुए उन्हें राहत प्रदान की क्योंकि तीनों ही प्रकरण आमजन से जुड़े हुए थे।
जिला उपभोक्ता संरक्षण मंच ने उपभोक्ताओं के तीन मामलों पर निर्णय सुनाते हुए उन्हें राहत प्रदान की है। तीनों ही प्रकरण आमजन से जुड़े हुए हैं। पहला प्रकरण नगर विकास न्यास के विरूद्ध था, जिसमें परिवादी शांति लाल भादाणी ने अपने परिवाद में लिखा कि उसने न्यास से दो सौ गज आवंटित जमीन का नियमन करवाने के बाद उसकी लीज राशि जमा करवा दी थी, लेकिन न्यास ने जमीन का कब्जा प्रदान नहीं किया।
मंच की राय में यह कृत्य सेवा में कमी दर्शाता है, एेसे में परिवादी को अपनी सादुल गंज स्थित जमीन का कब्जा देने तथा मानसिक संताप एवं परिवादी खर्च के तौर पर पांच हजार रुपए अतिरिक्त देने के निर्देश दिए। दूसरे प्रकरण में परिवादी अजय गोयल ने एक दुकान से दो साडि़यों की खरीद करने के बाद उसका पीको करने और फॉल के लिए दुकानदार से कहा लेकिन परिवादी जब अपनी साडि़यों को वापिस लेने के लिए पहुंचा तो साडि़यां कटी-फटी मिली।
दुकानदार से इसकी शिकायत करने पर उसने साडि़यों को बदल कर देने का वादा किया, लेकिन काफी समय निकल जाने के बावजूद उसने साडि़यों को नहीं बदला। मंच ने दुकानदार को परिवादी को दो हजार रुपए नौ फीसदी ब्याज सहित लौटाने तथा 21 सौ रुपए अतिरिक्त देने के निर्देश दिए। तीसरे मामले में परिवादी अश्विनी पुरोहित एक प्रतिष्ठित होटल में खाना खाकर वापस लौटे तो पार्र्किंग में खड़ी उनकी कार के व्हील्स कैप्स गायब मिले।
इन तीन ने सुनाए तीनो फैसले
न्यायालय उपभोक्ता मंच ने होटल प्रबंधन की सेवा में कमी मानते हुए पुरोहित को व्हील्स कैप्स की कीमत 44 सौ रुपए नौ फीसदी ब्याज सहित लौटाने तथा 55 सौ रुपए अतिरिक्त देने के निर्देश दिए। तीनों फैसले मंच के अध्यक्ष अमर चंद सिंघल, सदस्य पुखराज जोशी तथा इन्दू सोलंकी ने सुनाए।
इसलिए जिला उपभोक्ता संरक्षण मंच ने उपभोक्ताओं के तीनों मामलों पर निर्णय सुनाते हुए उन्हें राहत प्रदान की क्योंकि तीनों ही प्रकरण आमजन से जुड़े हुए थे।