मोटर पम्प से सीवरेज में छोड़ा जा रहा पानी, फंव्वारे के रूप में निकल रहा
बीकानेर. सुजानदेसर काला माता मंदिर के पास नगर निगम की ओर से ब्राह्मणों के मोहल्ले में एकत्रित गंदे पानी को सीवरेज के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष फैल रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान की बजाय दूसरे स्थान पर समस्या बढ़ाने की प्रवृत्ति को अनुचित बताया है। ब्राह्मणों के मोहल्ले में एकत्रित गंदे पानी को करीब एक सप्ताह से सीवरेज में छोड़ा जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पानी काली माता मंदिर के पास सीवरेज पाइप से एक ऊंचे फव्वारे के रूप में निकलकर कालीमाता मंदिर के सामने, मीरा बाई के धोरे के पीछे की ओर खेल ग्राउण्ड के आसपास फैल रहा है । स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां पिछले कई महीनों से चांदमल बाग के पास स्थित पंपिंग स्टेशन की ओर से गोचर भूमि में छोड़े जाने वाला पानी भी करीब 50- 60 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है । और लंबे समय से एक झील के रूप में फैले पानी से यहां की जमीन की उर्वरा क्षमता खत्म होने की संभावना है । लंबे समय से गोचर में बनी डिग्गियों के ओवरफ्लो हो जाने से गोचर भूमि में एकत्रित गंदे पानी और गंदगी से क्षेत्र निवासी बदबू और मच्छरों की समस्या से परेशान है।
रिहायशी इलाके के पास छोड़ा जा रहा पानी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि निगम चांदमल बाग के दूसरी तरफ का पानी रिहायशी इलाकों के पास छोड़ रहा है। इससे आने वाले दिनों में यहां के लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लोगों के अनुसार पानी छोडऩे की रफ्तार यदि इसी प्रकार रही तो कुछ ही दिनों में गंदा पानी आस पास के घरों तक पहुंच जाएगा। लोगों के अनुसार पानी यदि छोडऩा है तो पहले ट्रीटमेंट प्लांट के पास फैले पानी यह पानी मिलाना था। स्थानीय निवासियों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
करोड़ो खर्च, नहीं मिल रही राहत
भागीरथ नंदनी के अध्यक्ष मिलन गहलोत के अनुसार क्षेत्र में सरकार की ओर से करीब ३०० करोड रुपए से ज्यादा की राशि खर्च करने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। क्षेत्र में जगह-जगह गंदा पानी पड़ा है। गंदे पानी से लोग परेशान है। जिला प्रशासन और निगम प्रशासन यह एक नई समस्या खड़ा कर रहे है। श्री कृष्ण गौ संवद्र्धन समिति गंगाशहर-सुजानदेसर के अध्यक्ष बंशीलाल तंवर के अनुसार चांदमल बाग क्षेत्र के पास लंबे समय से एकत्रित गंदे पानी की पीड़ा से लोग परेशान है। घरों में सीलन आ रही है, नुकसान पहुंच रहा है। मरम्मत पर हर साल हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे है।