बीकानेर

आधा दर्जन गांवों में बीस दिन से पेयजल किल्लत

तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पिछले 20 दिन से जलापूर्ति ठप होने से पेयजल किल्लत के हालात है।
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Drinking water crisis
पेयजल किल्लत

लूणकरनसर. जलदाय विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों की अनदेखी के चलते तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पिछले 20 दिन से जलापूर्ति ठप होने से पेयजल किल्लत के हालात है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा विभाग के अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता को कई बार फोन करने के बाद नहीं उठाया गया। इससे ग्रामीणों में रोष है।

प्रधान गोविन्दराम गोदारा ने मामले को लेकर संभागीय आयुक्त व जिला कलक्टर को मामले से अवगत करवाया है। प्रधान गोदारा ने बताया कि कंवरसेन लिफ्ट नहर से उदेशियां गांव की जलप्रदाय योजना से आधा दर्जन गांवों में पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन जलप्रदाय योजना पर कार्मिक नहीं होने से जलापूर्ति व्यवस्था 20-25 दिनों से ठप है।

पानी की आपूर्ति बंद होने से खोखराणा, लालेरां, अलौदा, ऊंचाईड़ा, खिलेरियां समेत कई गांवों में पानी बंद है। इसको लेकर कई बार ग्रामीणों द्वारा उपखण्ड मुख्यालय पर सहायक अभियंता कार्यालय में पहुंचकर पीड़ा बताने का प्रयास किया गया। लेकिन मौके पर अधिकारी नहीं मिलने से निराश लौटना पड़ा।

फ्लोराइड युक्त पानी पीने को विवश
जलप्रदाय योजना का मीठा पानी पिछले 20 दिन से बंद होने से इन गांवों के लोग परम्परागत कुई में झरने का फ्लोराइड युक्त पानी पीने को विवश है। गांवों में पानी किल्लत के चलते खेती में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।

कनेक्शन के अभाव में पशुखेळी सूखी
दंतौर. बल्लर गांव में पशुओं के लिए बनी खेळियां पाइप लाइन के अभाव में सूखी है। इससे आवारा पशु भटक रहे है। जलदाय विभाग के बाहर ठेकेदार द्वारा पशुखेली बनाई थी। वह भी कनेक्शन के अभाव में सूखी है। ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं को वाटरवक्र्स में ले जाकर पानी पिलाना पड़ता है। ग्रामीणों ने खेळियों को पाइप लाइन से जोडऩे की मांग की है।

बासी बरसिंगसर. लालमदेसर मगरा में पिछले दस दिन से पेयजल संकट बना है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दो नलकूप हैं और दोनों की ही मोटर जल चुकी है। इससे पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। पशुओं के पानी पीने के लिए बनाई गई खेलिया भी सूख गई एवं ग्रामीण व पशुधन पानी के लिए भटक रहे हैं।

ग्रामीण तो खेतों मे बने नलकूप से पानी के टैंकर मंगवाकर प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीण सुगनाराम, रामेश्वर लाल, चेतनराम, मोटाराम, रामचंद्र आदि ने बताया कि जलदाय विभाग के कर्मचारी को कई बारअवगत करवा दिया है लेकिन इस पर ध्यान नहीं दे रहे है।

Published on:
10 Oct 2017 12:26 pm