बीकानेर

शहर से गांवों तक सूख रहे हलक, बढ़ी पानी की किल्लत

शहर से गांवों तक बढ़ी पेयजल किल्लत, भीषण गर्मी और लू के चलते पेयजल खपत बढ़ती जा रही है।

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Jun 03, 2020
शहर से गांवों तक सूख रहे हलक, बढ़ी पानी की किल्लत

भीषण गर्मी और लू के चलते पेयजल खपत बढ़ती जा रही है। गांवों में तो पेयजल किल्लत बढ़ रही है। जिन गांवों तक नहरी पानी नहीं पहुंच रहा है, और जलापूर्ति नलकूपों पर निर्भर है, वहां पर संकट ज्यादा है। बीकानेर की श्रीडूंगरगढ़ तसहील के हालात तो बदतर है। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे और आसपास के जो भी ग्रामीण क्षेत्र है उनमें इन दिनों पेयजल संकट है। ग्रामीणों के अनुसार तहसील क्षेत्र में एक-एक दिन के अन्तराल से पानी दिया जा रहा है। ऐसे में पीने का पानी ही पर्याप्त नहीं होता, तो मवेशियों के लिए ओर समस्या खड़ी हो गई है। बीकानेर शहर में ऊचाई वाले क्षेत्रों में पूरा पानी नहीं पहुंचने से समस्या हो रही है। गर्मी में खपत बढ़ गई है, तो लोग टैंकर भी खरीद रहे हैं।

यूं होती है आपूर्ति
तहसील में नलकूपों के माध्यम से ही जलापूर्ति की जाती है। श्रीडूंगरगढ़ सहित नोखा तहसील, पांचू गांव व आसपास के गांवों में जलापूर्ति के लिए ११०० नलकूप है। जिनसे आपूर्ति की जाती है। बीकानेर, खाजूवाला, कोलायत, बज्जू, लूणकनसर सहित आसपास के गांवों में नहरी पानी से आपूर्ति होती है।


बीकानेर शहर में इन दिनों रोजाना १५५ एमएलडी पानी की खपत हो रही है। पूरे शहर में २९ ऊच्च जलाशय है(टंकियां), वहीं शोभासर व बीछवाल में दो जलाशय(झील) है, शहर की प्यास बुझाने के लिए दो फिल्टर प्लांट शोभासर और एक बीछवाल में है। जहां से जल शोधन होने के बाद जलापूर्ति की जाती है।


माकूल है व्यवस्था
शहर व गांव में निर्बाध रूप से जलापूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़, नोखा, पांचू व आसपास के गांवों में नलकूपों से पानी दिया जा रहा है। गांवों में ७५ योजनाओं के माध्यम से ४०८ गांवों में नहरी पानी दिया जा रहा है, जिसको फिल्टर करके ही आपूर्ति की जा रही है, सभी गांवों में प्रतिदिन पानी दिया जा रहा है। नहरबंदी नहीं होने से पानी भी मिल रहा है। ऊंचाई वाले ऐसे ३६ गांवों में नलकूप स्वीकृत है, इसी तरह ६६ गांवों ऐसे है, जहां पर भी नई योजनाएं स्वीकृत है।
दीपक बंसल, अधीक्षण अभियंता, बीकानेर जिला

एक-एक दिन अन्तराल से आता हे
श्रीडूंगरगढ़ जिले में पानी की जबदस्त किल्लत है। जलदाय विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन केवल कागजी कार्रवाई ही हो रही है। यहां पर पानी एक दिन छोड़कर एक के अन्तराल से पानी दिया जाता है। पिछले दिनों लोगों ने मटकियां फोड कर विरोध भी किया था, लेकिन पानी की समस्या जस की तस है।
मूलचंद स्वामी, आमजन

Published on:
03 Jun 2020 05:04 pm
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