
शोभासर जलाशय
पूर्ण नहरबंदी के चलते शहर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। नहर से आपूर्ति ठप होने के कारण शोभासर और बीछवाल जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से घटा है। वर्तमान में दोनों जलाशयों में लगभग 15-15 दिन का ही पानी शेष बचा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जलदाय विभाग ने आपूर्ति को नियंत्रित कर दिया है। शहर में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए जरूरत पूरी की जा रही है।
नहरबंदी खत्म होगी, तो भी राहत में देरी
नहर विभाग के अनुसार, 11 मई तक बंदी समाप्त हो जाएगी, लेकिन इसके बाद भी पानी के बीकानेर पहुंचने में 4 से 5 दिन का समय लगेगा। यानी 15 मई की शाम तक ही जलाशयों में पानी पहुंच पाएगा। इसके बाद ही नियमित आपूर्ति बहाल हो सकेगी। जलदाय विभाग फिलहाल ‘राशनिंग मोड’ में काम कर रहा है, ताकि उपलब्ध पानी से अधिकतम दिनों तक आपूर्ति जारी रखी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि नहरबंदी से पहले जलाशयों को भर लिया गया था, लेकिन लंबी बंदी के कारण अब स्टॉक तेजी से घट रहा है।
ग्राउंड रियलिटी
टैंकर निर्भरता बढ़ी: कई मोहल्लों में नियमित सप्लाई बाधित होने से निजी टैंकरों की मांग बढ़ गई है।
आने वाला ‘क्रिटिकल विंडो’: 11 से 15 मई के बीच का समय सबसे संवेदनशील रहेगा, जब स्टॉक न्यूनतम स्तर पर होगा।
प्रशासन की चुनौती: सीमित संसाधनों में शहर की जरूरत पूरी करना और घबराहट से बचाना बड़ी चुनौती है।
अफसरों की जुबानी
नहरों की मरम्मत अंतिम चरण में है। 11 मई के बाद पानी छोड़ा जाएगा, जो 15 मई तक बीकानेर पहुंचेगा।
जलाशयों में करीब 15 दिन का पानी बचा है, इसलिए एक दिन छोड़कर सप्लाई दी जा रही है। समय पर पानी नहीं आया तो दिक्कत बढ़ सकती है।
Published on:
05 May 2026 09:21 pm
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