
बज्जू में एक लाइब्रेरी में तैयारी करते परीक्षार्थी। फोटो पत्रिका
बज्जू.( बीकानेर)। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के तौर तरीके अब तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां पढ़ाई केवल किताबों और गाइड्स तक सीमित थी, वहीं अब डिजिटल साधनों का उपयोग बढ़ने लगा है। छात्र-छात्राएं स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं और नई तकनीक को अपनाते नजर आ रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और चैटबॉट्स जैसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। खासतौर पर वे छात्र, जिनके पास कोचिंग की सुविधा नहीं है या आर्थिक स्थिति कमजोर है, वे अब इन तकनीकों के जरिए घर बैठे पढ़ाई कर पा रहे हैं। इसका प्रभाव स्कूल स्तर से कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक देखने को मिल रहा है।
विद्यार्थियों का कहना है कि अब किसी भी विषय पर जानकारी जुटाना पहले की तुलना में आसान हो गया है। एआइ टूल्स पर सवाल पूछते ही तुरंत जवाब मिल जाता है, जिससे पढ़ाई में लगने वाला समय कम हो गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से शॉर्ट नोट्स तैयार करना आसान हो गया है। विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार संक्षिप्त या विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जबकि पहले यही काम करने में अधिक समय लगता था।
एआइ और चैटबॉट्स के माध्यम से हर विषय पर तुरंत जानकारी मिल जाती है। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और एक ही जगह पर समाधान मिल जाता है।
नई तकनीक के चलते विद्यार्थी केवल टाइप ही नहीं, बल्कि अब बोलकर भी अपने सवाल पूछ सकते हैं। इससे पढ़ाई की प्रक्रिया और अधिक सहज हो गई है और छोटे बच्चों के लिए भी इसका उपयोग आसान बन गया है।
एआइ के उपयोग से कम समय में अधिक पढ़ाई संभव हो रही है। विद्यार्थियों के अनुसार इससे उनकी तैयारी बेहतर हो रही है और विषयों को समझने में भी आसानी मिल रही है।
विद्यार्थी सचिन खीचड़ व देवीसिंह ने बताया कि शिक्षक भर्ती सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अब पारंपरिक किताबों के साथ डिजिटल माध्यमों का उपयोग भी जरूरी हो गया है। यू-ट्यूब, एआइ और चैट आधारित प्लेटफॉर्म की मदद से कम समय में किसी भी प्रश्न के उत्तर आसानी से मिल जाते हैं, जिससे तैयारी अधिक प्रभावी बन रही है।
विद्यार्थी प्रवीण सिंवर व राहुल सिंह के अनुसार पढ़ाई के दौरान एआइ आधारित नोट्स का उपयोग करने से परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के पैटर्न को समझना आसान हुआ है। इससे तैयारी को दिशा मिलती है और महत्वपूर्ण विषयों पर फोकस करने में सहायता मिलती है।
एआइ का संतुलित उपयोग आवश्यक है। अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करने से विद्यार्थी परीक्षा में बेहतर तैयारी के साथ बैठ पाते हैं, जिससे चयन की संभावना भी बढ़ती है।
राजाराम तेतरवाल, शिक्षक, आरएएस भर्ती में चयनित
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब विद्यार्थी एआइ के जरिए पढ़ाई को सरल बना रहे हैं। स्कूल से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं इसका उपयोग कर रहे हैं, जिससे हर विषय पर तुरंत उत्तर मिलना संभव हो गया है और कम समय में अधिक अध्ययन किया जा सकता है।
मनफूल सारण, व्याख्याता, आरएएस भर्ती में चयनित
Published on:
05 May 2026 03:22 pm
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