खाना औऱ नाश्ता तो दूर पानी की बोतल और चिप्स के पैकेट के नाम पर होटल बनाकर बैठे हैं। इन जगहों पर शराब हर समय उपलब्ध रहती
हाइवे पर शराब से लेकर स्मैक तक मिलना इतना आसान है, जितना पानी की बोतल
भारतमाला सड़क बनने के बाद सफर तो सुहावना हुआ है। दूसरी ओर इस रास्ते के जरिए नशे का नेटवर्क पनप रहा है। कभी शांत रहने वाला पश्चिमी राजस्थान का बज्जू क्षेत्र का सीमावर्ती इलाका नशे से दूर था, लेकिन जब से सीमावर्ती क्षेत्र से भारतमाला का जाल बिछा है, तब से ऐसा कोई नशा नहीं है, जो इस हाइवे पर बिकता नहीं हो। करीब 100 किलोमीटर भारतमाला एक्सप्रेस हाइवे बज्जू उपखंड क्षेत्र में लगता है। इस पर वाहनों की कतार लगी रहती है। इस हाइवे पर शराब से लेकर स्मैक तक मिलना इतना आसान है, जितना पानी की बोतल।
अवैध होटलों पर अवैध नशे का कारोबार
इस सड़क पर नशे का कारोबार होटलों से जुड़ा है। विशेषकर गोडू से जग्गासर के बीच व चारणवाला की ओर होटलों में शराब, डोडा पोस्त और स्मैक का नशा जड़ें जमा चुका है। रुपए के चक्कर में भारतमाला सड़क के किनारों पर किसान होटलों मालिकों को अपनी जमीन किराए पर दे देते हैं और इक्का-दुक्का को छोड़कर होटल की आड़ में धड़ल्ले से नशे का विक्रय हो रहा है। मजेदार बात यह है कि गोडू व गोडू से पूगल की ओर बंद होटलों वाला का हौसला इतना बढ़ा है कि जहां खाना औऱ नाश्ता तो दूर पानी की बोतल और चिप्स के पैकेट के नाम पर होटल बनाकर बैठे हैं। इन जगहों पर शराब हर समय उपलब्ध रहती है तो डोडा मर्जी हो उतना उपलब्ध जो जाता है, तो स्मैक भी नशेड़ी को मिल जाती है।
गांवों में नशेड़ियों की बढ़ी संख्या
जब से क्षेत्र में भारतमाला सड़क परियोजना निकली है। तब से क्षेत्र नशेड़ियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कभी शांत व नशे से दूर रहने वाले गोडू, फुलासर, रणजीतपुरा, गोकुल, चारणवाला आदि गांव के युवाओं में नशे का क्रेज देखने को मिल रहा है। वहीं गोडू व आसपास तो गाड़ी वाले या आमजन को तुरंत उपलब्ध नही होता हो।
दो पुलिस थाना क्षेत्र
भारतमाला सड़क परियोजना का करीब 100 किलोमीटर दायरा बज्जू उपखंड क्षेत्र में आता है और बज्जू व रणजीतपुरा थाना दोनों के क्षेत्र में हिस्सा है। रणजीतपुरा से जगासर तक करीब 60 किलोमीटर और रणजीतपुरा से चारणवाला तक करीब 25 किलोमीटर रणजीतपुरा थाना क्षेत्र तथा चारणवाला से बीक़मपुर करीब 25 व बीक़मपुर से फलौदी के बाप की तरफ करीब 15 किलोमीटर दूर बज्जू थाना क्षेत्र आता है।
दूसरे जिलों व राज्यों से बिछा है नेटवर्क
सीमावर्ती गांवों से निकलती भारतमालासड़क ना केवल स्थानीय बल्कि निकटवर्ती जिलों व राज्यों के लिए नशे की तस्करी वाला हाइवे बना है। पंजाब में स्मैक, एमडी के साथ शराब तस्करी का बड़ा नेटवर्क है। दूसरी तरफ शराबबंदी के कारण गुजरात में शराब की भारी डिमांड रहती है। शराब अवैध रूप से पंजाब से गुजरात पहुंचती है। इसके लिए नशे के माफिया के लिए यह सुलभ मार्ग है। निकटवर्ती हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, अनूपगढ़ के अलावा बड़े शहर घड़साना, रावला, खाजूवाला आदि के लिए अफीम व स्मैक इसी रास्ते से जाती है।
कार्रवाई करते हैं
बज्जू थानाधिकारी आनंदकुमार गिला व रणजीतपुरा थानाधिकारी चन्द्रजीतसिंह ने बताया कि नशे पर रोकथाम लगाने के लिए मुखबिर के माध्यम प्रयास किए जा रहे है और नशा माफिया पर समय समय पर कार्रवाई की जाती है।