
बीकानेर . स्कूलें फिर से चालू होने के साथ ही राज्य सरकार ने पीईईओ अथवा संस्था प्रधानों को नई जिम्मेदारियां दी है। अब कक्षा १ से ८ तक के विद्यार्थियों को अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत सप्ताह में तीन दिन दूध का वितरण २ जुलाई से किया जाना है। इसकी पूर्व तैयारी पीईईओ को करनी है। इस तैयारी से शाला दर्शन- दर्पण पोर्टल को अपडेट करना भी शामिल है। योजना के तहत शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को सोम, बुध व शुक्र को दूध मिलेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों के बच्चों को मंगल, गुरु व शनिवार को दूध मिलेगा। प्राथमिक कक्षा १ से ५ तक के बच्चों को १५० मिली ग्राम एवं उच्च प्राथमिक कक्षा ६ से ८ तक २०० मिली ग्राम दूध दिया जाएगा।
योजना का निगरानी
जिला स्तर पर निगरानी जिला कलक्टर, सीईओ जिला परिषद एवं जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे। ब्लॉक स्तर पर उपखण्ड अधिकारी बीडीओ, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी करेंगे। वहीं ग्राम स्तर विद्यालय के पीईईओ व सरपंच साप्ताहिक निरीक्षण करेंगे। विद्यालय स्तर पर शाला प्रधान दूध की गुणवत्ता की प्रतिदिन लेक्टोमीटर से जांच करेंगे। जिसमें १०० मिली ग्राम दूध में ३.२ ग्राम प्रोटीन, ३.० ग्राम वसा. कैलोरी ५८ किलो, कार्बोहाइड्रेड ४.६ ग्राम पोषक तत्वों की न्यूनतम मात्रा आवश्यक है। दूध में मिलावट नहीं हो इसकी जांच खाद्य सुरक्षा निरीक्षक करेंगे। योजना शुरू होने से पूर्व दूध भण्डारण, वितरण के लिए बर्तनों एवं अन्य सामग्री की खरीद के प्रावधान किए गए हैं।
पीईईओ को यह भी करना होगा
&द्वितीय चरण में नामांकन अभियान चलाना होगा। पहला चरण में मई में पूरा हो गया है। इस अभियान में ग्राम पंचायत को उजियारा घोषित करना होगा। शाला दर्पण पोर्टल पर शिक्षक एवं विद्यार्थियों की पूरी सूचना अपडेट करनी होगी। हर स्कूल का स्कूल सुरक्षा प्लान बनाकर अपडेट करना होगा। आंगनबाडियों से समन्वय रखा होगा।
वीना सोलंकी, सहायक निदेशक प्रा.शि.निदेशालय बीकानेर
तीन व्याख्याताओं के स्थानांतरण में संशोधन
बीकानेर. तीन व्याख्याताओं स्कूल शिक्षा के स्थानांतरण में आंशिक संशोधन किया गया। इसके लिए मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा संयुक्त निदेशक ने आदेश जारी किए। इसमें चांद कंवर अंग्रेजी, वंदना व्यास जीव विज्ञान तथा नरेश कुमार चौधरी जीव विज्ञान का नए स्थान पर स्थानांतरण किया गया।