
राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के मंच से शिक्षा निदेशालय के मुख्य द्वार पर सोमवार से शारीरिक शिक्षकों का दो दिवसीय धरना शिक्षा निदेशक की ओर से 13 नवम्बर को वार्ता के आश्वासन पर समाप्त कर दिया गया है। पहले दिन धरना स्थल पर आयोजिक सभा में संघर्ष समिति ने मांग रखी कि शारीरिक प्रशिक्षक अनुदेशक ग्रेड द्वितीय से शारीरिक प्रशिक्षक अनुदेशक ग्रेड प्रथम श्रेणी पद पर अविलम्ब पदोन्नति की जाए।
इनकी पदोन्नति का मामला 2007-08 से अटका हुआ है। समिति की मांग है कि इस पदोन्नति में तकनीकी समस्या आने पर राज्य सरकार से नियमों में शिथिलता ली जाए। धरना स्थल पर प्रदेश भर से शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के प्रतिनिधि लोगों ने शिरकत की। समिति के धूमल भाटी ने बताया कि शिक्षा निदेशक ने उनको बुलाकर मांगे सुनी तथा वार्ता कर मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। इस पर धरना समाप्त कर दिया गया।
समिति के मंच से प्रदेश भर से आए शारीरिक शिक्षक नेताओं ने इस दौरान मांग रखी कि बिना छात्र संख्या की शर्त पर हर माध्यमिक विद्यालय में द्वितीय श्रेणी शिक्षक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रथम श्रेणी शिक्षक लगाया जाए। स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा विषय को अनिवार्य बनाया जाए। उप जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा के छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर किया जाए।
सात मण्डलों एवं जिलों में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी का पद सृजित किया जाए। एन.आई.एम डिप्लोमा प्राप्त को तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक लगाया जाए । राज्य क्रीडा परिषद के समान खिलाड़ी छात्रों का दैनिक भत्ता तीन सौ रुपए तथा पोशाक भत्ता दो हजार रुपए किया जाए। शारीरिक प्रशिक्षक ग्रेड द्वितीय एवं तृतीय की नई भर्ती की जाए।
नियमों में संशोधन की जरूरत
राज्य में कमोबेश सभी स्कूलों में तृतीय श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक लगे हुए हैं। शारीरिक प्रशिक्षक अनुदेशक ग्रेड द्वितीय से शारीरिक प्रशिक्षक अनुदेशक ग्रेड प्रथम श्रेणी पद पर पदोन्नति के लिए नियमों में संशोधन की जरूरत है। इस मामले में डीपीसी की कार्रवाई की जा रही है।
नथमल डिडेल, निदेशक माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर