
छतरगढ़़. केंद्र व राज्य सरकार की ओर से राजस्थान में चार एस्केप रिजर्वायर का निर्माण के लिए जल जीवन मिशन तहत करीब 1400 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। छतरगढ़़ क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर की आरडी 507 हेड की घेघड़ा झील को इस योजना में शामिल कर करीब 700 हेक्टेयर पर बनने वाले इस एस्केप रिजर्वायर की लागत करीब 400 सौ करोड़ रुपए आएगी। इस रिजर्वायर के के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया सम्पन्न हो चुकी है और निर्माण कार्य के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा साजो सामान साथ आरडी 507 हेड नजदीक एक खेत में प्लांट का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी किए हैं।
वहीं दूसरी ओर गत 10 नवंबर को छतरगढ़़ उपखण्ड मुख्यालय पर जनसुनवाई के दौरान जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने इस एस्केप रिजर्वायर निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश दिए हैं तथा इसके लिए छतरगढ़़ एसडीएम को पाबंद भी किया गया। साथ ही उन्होंने एसडीएम को एस्केप रिजर्वायर के लिए क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर किनारे तत्काल आराजीराज भूमि देखकर उसके प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, लेकिन जिला कलक्टर के आदेश बावजूद संबंधित निर्माण एजेंसी की ओर से प्लांट लगाने का कार्य जारी होने को देखकर समाजसेवी संस्थाओं के लोगों में इस झील का बचाने के लिए सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसको लेकर बुधवार को एस्केप रिजर्वायर निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई रोकने एवं अन्य जगह पर इस कार्य का निर्माण करने के लिए मुख्यमंत्री के नाम छतरगढ़़ एसडीएम संजीव कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया है।
बड़ी तादाद में लगे पेड़
आसपास के किसानों व जागरूक नागरिक के अनुसार घेघड़ा झील में करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में फैली है। इसमें विभिन्न प्रजातियों के करीब पचास हजार पौधे वन विभाग द्वारा लगाए हुए हैं। इस झील में कच्चे स्थान होने से जलभराव दौरान बड़ी संख्या में कछुए नेङ्क्षस्टग करते हैं। वहीं आसपास चकों के खेतों में इस झील के कारण वाटर लेवल भी बढ़ता है। यह झील किसानों के लिए जीवनदायिनी का काम कर रही है।
आते हैं विदेशी पक्षी
इस घेघड़ा झील में नवंबर-दिसंबर में बड़ी संख्या में देशी विदेशी से पक्षियों का कलरव गूंजता है। विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों व वनस्पति होने से पर्यावरण संतुलन बना रहता है। एस्केप रिजर्वायर निर्माण कार्य के लिए हजारों पेड़ों की कटाई की अनुमति अगर सरकार देती है तो पर्यावरण वातावरण संतुलन बिगड़ जाएगा।
कलक्टर कार्यालय की ओर से आरडी 507 हेड एस्केप रिजर्वायर निर्माण पर रोक लगाने संबंधी आदेश अभी तक छतरगढ़़ एसडीएम कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए हैं। रोक संबंधी आदेश की प्रति जब तक नहीं मिलती है। तब तक निर्माण कार्य एजेंसी को पाबंद नहीं किया जा सकता है।
संजीव कुमार वर्मा, उपखण्ड अधिकारी, छतरगढ़़
&घेघडा़ झील भूमि पर रिजर्वायर के निर्माण कार्य को बंद करने या रोकने संबंधी आदेश अभी तक नहीं मिले हैं। यदि कोई आदेश मिलते हैं तो इस पर विचार किया जाएगा।
ओमप्रकाश सारण, ठेकेदार, निर्माण एजेंसी