10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bikaner Electric Bus: बीकानेर में जल्द दौड़ेंगी ई-बसें, पहुंची पहली खेप, 75 बसों का मिला है आवंटन

बीकानेर शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। चार ई-बसों की पहली खेप शहर पहुंच चुकी है और स्वतंत्रता दिवस पर इनके संचालन की शुरुआत की तैयारी है। हालांकि, बसें पहुंचने के बावजूद डिपो, चार्जिंग स्टेशन, कर्मचारियों की भर्ती और रूट तय करने जैसे कई काम अभी बाकी हैं।
3 min read
Google source verification
bikaner e bus

Bikaner: बीकानेर पहुंची ई बसों की पहली खेप (फोटो-पत्रिका)

बीकानेर। शहरवासियों को जल्द ही आधुनिक नगरीय परिवहन सेवा की सौगात मिलने वाली है। बीकानेर में ई-बस सेवा शुरू करने की दिशा में पहला कदम उठ चुका है। चार ई-बसें शहर पहुंच गई हैं और इनके संचालन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के सामने निर्माणाधीन ई-बस डिपो से इन बसों का संचालन प्रस्तावित है। संभावना जताई जा रही है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत की जा सकती है।

नगरीय परिवहन सेवा के तहत बीकानेर को प्रथम चरण में 75 ई-बसों का आवंटन किया गया है। एमजीएसयू के सामने बनाए जा रहे डिपो में इन सभी बसों के संचालन और रखरखाव की क्षमता विकसित की जा रही है। बताया जा रहा है कि जल्द ही एक और ई-बस बीकानेर पहुंच सकती है।

25 सीटों वाली बसों में महिलाओं के लिए पिंक सीटें

ई-बस संचालन का जिम्मा संभाल रही कंपनी सीएसएल के वाइस प्रेसिडेंट धीरज पाराशर के अनुसार, बीकानेर पहुंची बसें 25 सीटर हैं। इनमें महिलाओं के लिए चार पिंक सीटें आरक्षित रहेंगी। बस में 11 यात्रियों के खड़े होकर सफर करने की भी व्यवस्था है।

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बस में सात सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा हर सीट पर पैनिक बटन की सुविधा दी गई है। आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए इमरजेंसी विंडो और हर सीट के पास हैमर उपलब्ध रहेगा। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर लिफ्ट डोर की व्यवस्था भी की गई है। सभी बसें पूरी तरह वातानुकूलित हैं।

डिपो का काम अभी बाकी

ई-बसों की पहली खेप बीकानेर पहुंच चुकी है, लेकिन इनके नियमित संचालन के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। निविदा शर्तों के मुताबिक डिपो का निर्माण 25 मई तक पूरा किया जाना था, लेकिन अगस्त के दूसरे सप्ताह तक भी कई काम अधूरे हैं।

डिपो में बसों के रखरखाव के लिए शेड का निर्माण अभी जारी है। बसों की चार्जिंग के लिए 15 चार्जर लगाए जाने हैं, लेकिन फिलहाल केवल दो चार्जर ही तैयार हो पाए हैं। वहीं, डिपो में प्रस्तावित ओवरहेड टंकी का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है।

ड्राइवरों की भर्ती जारी

ई-बस सेवा शुरू करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। ड्राइवरों की भर्ती का काम जारी है, जबकि कंडक्टरों की भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस पर सेवा शुरू करने की संभावित तैयारी के बीच डिपो और कर्मचारियों से जुड़े काम जल्द पूरा करना चुनौती बना हुआ है।

रूट और बस स्टॉप को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं

ई-बस सेवा शुरू होने से पहले सबसे बड़ा सवाल इनके संचालन मार्ग और बस स्टॉप को लेकर है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शहर में ई-बसें किन-किन मार्गों पर चलेंगी। यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए बस स्टॉप भी अभी तय नहीं किए गए हैं। ऐसे में बसों के शहर पहुंचने के बाद अब लोगों की नजरें रूट, किराए और बस स्टॉप की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।