बीकानेर

लाखों की ऑनलाइन ठगी के चार और आरोपी गिरफ्तार, राजधानी दिल्ली से चल रहा था नेटवर्क

राजस्व तहसील बज्जू के चारणवाला गांव के सरकारी शिक्षक के साथ फर्जी बीमा एजेन्ट बनकर २२.५० लाख की लूट के मामले में तीन साल से चल रही ठगी के चार और आरोपियों को बज्जू पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया।
2 min read
accused arrested
accused arrested

बज्जू. राजस्व तहसील बज्जू के चारणवाला गांव के सरकारी शिक्षक के साथ फर्जी बीमा एजेन्ट बनकर २२.५० लाख की लूट के मामले में तीन साल से चल रही ठगी के चार और आरोपियों को बज्जू पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया। तीन को जेल भेज दिया। इसमें मुख्यआरोपी को रिमाण्ड पर लिया है।

बज्जू थाना के सहायक उपनिरीक्षक आदेश कुमार ने बताया कि चारणवाला के शिक्षक महेशदान चारण ने १ मार्च २०१८ को बीकानेर पुलिस अधीक्षक को पीड़ा बताई थी। बज्जू पुलिस ने १० अप्रेल को कार्रवाई कर दिल्ली से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया। इससे ७. ६० लाख रुपए बरामद किए। बाद में पुलिस टीम ने रोहित सैनी पुत्र रविन्द्र सैनी, मोनू शाह पुत्र उपेन्द्र शाह, चन्दन गुप्ता पुत्र योगेन्द्र गुप्ता के साथ मुख्यआरोपी दिल्ली निवासी अंकुर वर्मा निवासी को भी गिरफ्तार किया।

इनसे ३.२७ लाख रुपए बरामद किए। अब तक पांचों आरोपियों से करीब १३ लाख रुपए बरामद किए जा चुके है। पुलिस ने दो दिन पहले गिरफ्तार चारों आरोपियों को गुरूवार को न्यायालय में पेश किया। इसमें तीन को जेल भेज दिया, वहींं मुख्यआरोपी अंकुर को पूछताछ के लिए बज्जू पुलिस को रिमाण्ड पर सौंपा।

हो सकता है कई और वारदातों का खुलासा
सहायक उपनिरीक्षक आदेश कुमार ने बताया कि मुख्यआरोपी अंकुर से पूछताछ जारी है। जिससे अन्य राज्यों में भी ऑनलाइन ठगी के राज खुल सकते है। ठगी में महिलाओं की भूमिका होने से इनकार नहीं किया जा सकता। ठगों के एसबीआई सहित अन्य बीमा कम्पनियों की महिला कर्मचारियों से सम्पर्क हो सकते हैं, जिनसे डाटा लेने की संभावना है।

ये है पूरा मामला
बज्जू क्षेत्र के चारणवाला के शिक्षक के साथ फर्जी बीमा कम्पनी अधिकारी बन २०१५ से ठगी का खेल शुरू किया। इसमें ६२ लाख के दो चेक भी आए। जिसकी एवज में शिक्षक को १३.७५ लाख रुपए जमा कराए थे। इसके बाद शिक्षक से मोबाइल ओटीपी लेते रहे और कुल २२.५० लाख रुपए हड़प लिए। इसके बाद पीडि़त शिक्षक महेशदान ने ***** व्याख्याता कैलाशदान देवल को जानकारी दी और पीड़ा पुलिस को बताई।

पुलिस की यह टीम रही सक्रिय
एएसआई आदेश कुमार, कांस्टेबल कैलाश, प्रवीण कुमार, संजय कुमार, छगनलाल, एसपी ऑफिस साइबर सेल के कांस्टेबल दीपक यादव ने वारदात का पर्दाफाश करने में मुख्य भूमिका निभाई। साइबर सेल के कांस्टेबल दीपक के सजगता से अब तक तीन बड़ी वारदातों का खुलासा हो चुका है। यादव के सहयोग से सदर थाने की ५५ लाख की ठगी, कोटगेट थाने की पांच लाख की ठगी सहित शादी विवाह में चोर गिरोह सर्किय, बाइक चोरी की वारदातें खोली जा चुकी है।

Published on:
12 Oct 2018 09:16 am