
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को रोजगारपरक और कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू), एमएससी जियोलॉजी, बायो फर्टिलाइजर प्रोडक्शन तथा बायो पेस्टिसाइड्स प्रोडक्शन के सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों का संचालन विश्वविद्यालय परिसर में होगा और इनके लिए प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने बताया कि विश्वविद्यालय समय की मांग के अनुरूप आधुनिक, नवाचार आधारित और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम लगातार शुरू कर रहा है। उनका कहना है कि उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे वे रोजगार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि नए पाठ्यक्रमों से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही मिलेगी और उन्हें अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
जैविक खेती और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
विश्वविद्यालय के उमेश शर्मा ने बताया कि बायो फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और बायो पेस्टिसाइड्स प्रोडक्शन के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्राकृतिक एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार करेंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी जैविक कृषि, उत्पादन तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। वहीं एमएसडब्ल्यू और एमएससी जियोलॉजी जैसे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सामाजिक विकास, अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण, खनन, भू-विज्ञान और औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर कैरियर संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेंगे। पात्रता, शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।