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जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर

बैठक में एडीएम प्रशासन रतनू ने निर्देश दिए कि सभी राजकीय चिकित्सालयों में जन्म, मृत्यु एवं मृत-जन्म की प्रत्येक घटना का पहचान पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक मृत्यु के लिए चिकित्सकीय मृत्यु कारण प्रमाण-पत्र (एमसीसीडी) जारी किया जाए।
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एडीएम (प्रशासन) की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं सतत विकास लक्ष्य मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक

एडीएम (प्रशासन) की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं सतत विकास लक्ष्य मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक

जन्म-मृत्यु पंजीकरण की जिला स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति तथा सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) उम्मेद सिंह रतनू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाने के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में एडीएम प्रशासन रतनू ने निर्देश दिए कि सभी राजकीय चिकित्सालयों में जन्म, मृत्यु एवं मृत-जन्म की प्रत्येक घटना का पहचान पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक मृत्यु के लिए चिकित्सकीय मृत्यु कारण प्रमाण-पत्र (एमसीसीडी) जारी किया जाए। विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में नव प्रवेश के समय जन्म प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र से संबंधित आवेदकों को अनावश्यक रूप से पीबीएम अस्पताल नहीं भेजा जाए तथा वृद्धजनों, महिलाओं एवं कम शिक्षित आवेदकों की सुविधा के लिए नगर निगम में हेल्पडेस्क स्थापित कर फॉर्म भरने में सहयोग उपलब्ध कराया जाए। श्री रतनू ने नगर निगम के संबंधित कार्मिकों को जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने को लेकर कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश
उन्होंने नगर निगम को प्रतिमाह कम से कम दो जन्म-मृत्यु पंजीकरण इकाइयों का निरीक्षण करने तथा पंजीकरण प्रक्रिया में अनियमितताओं पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में रतनू ने ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इससे पूर्व बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक धर्मपाल सिंह खीचड़ ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े विभिन्न संकेतकों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने गत बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा करते हुए पंजीकरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए। सतत विकास लक्ष्यों की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एसडीजी के लक्ष्यों, संकेतकों एवं विभागवार दायित्वों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई गई तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास करने पर बल दिया गया।