
बीकानेर . सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनों में महिलाओं के लिए आरक्षित कोच अब गुलाबी रंग के होंगे। इन कोच को ट्रेन के आखिरी छोर की बजाय बीचों-बीच लगाया जाएगा, ताकि इन्हें दूर से ही आसानी से पहचाना जा सके। यह सुविधा उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों में होगी। रेलवे में इसकी कवायद शुरू हो गई है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार महिलाओं के लिए आरक्षित कोच अमूमन प्लेटफार्म पर दूर उस हिस्से में रह जाते हैं, जहां कम रोशनी या अंधेरा रहता है। इस कारण महिलाएं उनमें चढऩे से झिझकती हैं। कई बार दूरी के कारण भी इसमें चढ़ नहीं पाती। ऐसे में अब रेलवे नई सुविधा शुरू करने पर विचार-विमर्श कर रहा है। रेलवे बोर्ड ने इस मुद्दे पर अलग-अलग मंडलों से सुझाव मांगे हैं।
हेल्पलाइन '182' का करें उपयोग
बीकानेर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को बाड़मेर-हरिद्वार व बीकानेर-हावड़ा ट्रेन में आरपीएफ ने महिलाओं को हेल्पलाइन (नंबर १८२) के उपयोग करने और झिझक दूर करने के लिए जागरूक किया। टीम में आरपीएफ थाना प्रभारी नरेश यादव, उपनिरीक्षक (अपराधा शाखा) रेणु बाई के नेतृत्व में महिला कांस्टेबल, स्काउट गाइड्स व अन्य स्टाफ शामिल हुआ।
पेम्फलेट वितरित
ट्रेन में सफर कर रही महिला यात्रियों के बीच पहुंची आरपीएफ की महिला कांस्टेबल ने हेल्पलाइन का महत्व बताया। साथ ही इसका इस्तेमाल करने की प्रक्रिया बताई। इस दौरान ट्रेन के कोच पर भी हेल्पलाइन नम्बर चस्पा किए गए। पोस्टर व पेम्फलेट स्टेशन पर लगाए गए और यात्रियों को भी पेम्फलेट बांटे गए।
सुरक्षा कमेटी का गठन
उ.प. रेलवे के बीकानेर मंडल के सुरक्षा आयुक्त डीके शुक्ला ने बताया कि महिला व बाल सुरक्षा को लेकर स्टेशनों और ट्रेनों में जागरूकता अभियान, महिला यात्रियों को हेल्पलाइन से अवगत कराने सहित कई गतिविधियां शुरू की गई हैं। इसी कड़ी में महिला कोच का रंग बदलने की योजना है। निगरानी के लिए रेलवे ने सुरक्षा कमेटी गठित की है। इसमें मंडल प्रबंधक, व.वा. मंडल प्रबंधक व आरपीएफ आयुक्त शामिल हैं।
सुरक्षा प्राथमिकता
&ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। हेल्पलाइन नम्बरों के प्रति यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। स्टेशन पर भी हेल्पलाइन का प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
अभय शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, बीकानेर