नहरों में रेग्यूलेशन ठप, सिर्फ पेयजल आपूर्ति ,सीएडी आयुक्त ने ली मुख्य अभियंताओं से रिपोर्ट
इंदिरा गांधी नहर में रेग्यूलेशन के निर्धारित 8795 क्यूसेक पानी के स्थान पर मात्र 7200 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से राजस्थान को 4200 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। इससे इंदिरा गांधी नहर के प्रथम तथा द्वितीय चरण में नहरों की वरीयता गड़बड़ा गई है।
द्वितीय चरण की नहरों में केवल पेयजल की आपूर्ति हो रही है। नहर विभाग ने रेग्यूलेशन गड़बड़ाने की स्थिति की पूरी रिपोर्ट सीएडी एवं संभागीय आयुक्त सुवा लाल को पिछले सप्ताह भेज दी। सीएडी आयुक्त के स्तर पर अभी तक मुख्य अभियंता की बैठकें बुलाकर समीक्षा की जा रही है।
इंदिरा गांधी नहर का घोषित रेग्यूलेशन गड़बगड़ाने से फसलों को क्षति हो रही है। इससे काश्तकार आक्रोशित है। पिछले छह दिनों 11 से 19 दिसम्बर की अवधि में पानी की आवक न्यूनतम रही है। सीएडी आयुक्त ने मुख्य अभियंता नार्थ एवं बीकानेर से पूरी स्थिति की रिपोर्ट ली। वहीं उपलब्ध पानी के वितरण की स्थिति की जानकारी ली।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना (रेग्यूलेशन) की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में नहर का पटड़ा टूटने के बाद नौ हजार क्यूसेक की वरीयता के बदले करीब सात हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। इसमें से 1250 क्यूसेक पानी हरियाणा की नहरों को दिया जाता है।
एक हजार क्यूसेक पानी कम मिल रहा है। कुल 4200 क्यूसेक पानी मिलता है। इसमें से कमेबेश 2500 क्यूसेक पानी प्रथम चरण तथा शेष पानी द्वितीय चरण को पेयजल आपूर्ति के लिए दिया जा रहा है। इसमें पेयजल के लिए लिफ्ट नहरों में गजनेर लिफ्ट को सौ क्यूसेक, राजीव गांधी लिफ्ट नहर को दो सौ क्यूसेक पानी पेयजल के लिए दिया जा रहा है।
पूरे पखवाड़े सुध नहीं
जन किसान पंचायत राजस्थान की ओर से सोमवार को जल संसाधन मंत्री के नाम संभागीय एवं सीएडी आयुक्त को रेग्यूलेशन की स्थिति से अवगत करवाया है। जिसमें कहा गया है कि 16 दिनों से हरिके बैराज पर पटड़ा टूटने से नहरों में रेग्यूलेशन का सिंचाई में निर्धारित पानी नहीं मिल रहा है। नहर के द्वितीय चरण में सिंचाई बाधित है।
काश्तकारों को इन बारियों की भरपाई की जाए। सोमवार को पंचायत की ओर से जय नारायण व्यास की अगुवाई में ज्ञापन देकर आश्वासन के अनुरूप पानी नहीं देने पर आन्दोलन करने की जानकारी दी है।
संभागीय आयुक्त को बताई स्थिति
नहरों में घोषित रेग्यूलेशन के मुताबिक पानी उपलब्ध नहीं होने से बनी स्थितियों की समीक्षा के लिए दो दिन पहले संभागीय आयुक्त ने हालात की जानकारी ली।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को मुख्य अभियंता नोर्थ एवं बीकानेर को बुलाकर समीक्षा की गई है। हालांकि नहर विभाग की ओर से सीएडी एवं संभागीय आयुक्त को हालात का पत्र पहले ही लिख दिया गया था।
- विनोद मित्तल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, रेग्यूलेशन, बीकानेर
अभी कुछ दिन और रहेगा जल संकट
हनुमानगढ़ ञ्च पत्रिका. हरिके बैराज पर एक पखवाड़े पहले आए कटाव को काफी मशक्कत के बाद अब बंद कर दिया गया है। मगर पंजाब सुरक्षा कारणों से राजस्थान फीडर में पानी की मात्रा बढ़ाने से परहेज कर रहा है। इससे कुछ दिन और जलसंकट रहने के आसार हैं। जल संसाधन उत्तर संभाग के मुख्य अभियंता राजकुमार चौधरी ने बताया कि हरिके बैराज से राजस्थान को अभी 7200 क्यूसेक पानी मिल रहा है।
जबकि निर्धारित शेयर 8945 क्यूसेक है। शेयर के अनुसार पानी नहीं मिलने से नहरों की स्थिति गड़बड़ाने लगी है। पंजाब व राजस्थान के अधिकारियों की ओर से संयुक्त निरीक्षण के बाद पंजाब ने सुरक्षा दृष्टि से तीन-चार दिन और सावधानी बरतने की बात कही है।
इसमें कटाव स्थल के आसपास स्टोन क्रेट कार्य करवाने के बाद अगले सप्ताह तक स्थिति सुधरने के संकेत पंजाब के अधिकारियों ने दिए हैं। इसके बाद नहरों में पानी की स्थिति सुधर सकती है।
कॉमन बैंक की स्थिति खतरनाक होने से अधिकारी कोई चूक नहीं करना चाहते। संभागीय आयुक्त बीकानेर ने भी सोमवार को नहरी पानी की वस्तुस्थिति जानने को लेकर अधिकारियों की बैठक ली।