
बीकानेर. भाजपा नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी (Vasudev Devnani) ने कहा कि सोमवार का दिन देश के लिए एेतिहासिक है। ७२ साल बाद एक एेसा निर्णय हुआ है, जिससे लगता है कि वास्तव में कश्मीर का पूर्ण विलय हो गया।सोमवार को बीकानेर आए देवनानी ने पत्रकारों से कहा कि यह भी सकार हो गया कि 'मोदी है तो सब मुमकिन है।Ó तभी तो ३७० धारा की समाप्ति का निर्णय हुआ। इससे करोड़ों लोगों का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। आतंकवाद की जड़ यही धारा थी।
देवनानी (Vasudev Devnani)ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उस दौर में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने शेख अब्दुला के प्रेमवश यह धारा लागू कर दी थी, इसका खमियाजा देश को भुगतना पड़ा। पार्टी के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने एक देश में दो विधान, दो निशान व दो कानून नहीं चलेगा, इस मुहिम को लेकर बलिदान दिया। उनको आज सच्ची श्रद्धांजलि मिली है। महाराजा हरिसिंह की भावनाओं का आदर हुआ।
इतिहास से छेड़छाड़
देवनानी ने राज्य सरकार पर निशान साधते हुए कहा कि भाजपा शासन में प्रदेश में शिक्षा को २६ से २ नम्बर पर ले गए थे। उम्मीद थी कि वर्तमान सरकार उसे एक नम्बर पर लाने की कोशिश करेगी, लेकिन यहां तो शिक्षा का बंटाधार होता जा रहा है। राजनीतिक द्वेषता से तबादले किए जा रहे हैं। पाठ्यक्रम में बदलाव के नाम पर इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। एक किताब में वीर सावरकर को पुर्तगाल का पुत्र लिखना कहां तक उचित है। शिक्षा के पूरे ढांचे को तहस-नहस कर दिया गया है।