
लूणाराम वर्मा
महाजन. जोधपुर डिस्कॉम ने राज्य सरकार के निर्देश पर आनन फानन में 138 कनिष्ठ अभियंताओं को पदोन्नति देते हुए सहायक अभियंता तो बना दिया, लेकिन सहायक अभियंता के पद सृजित नहीं करने का खमियाजा इन पदोन्नत अधिकारियों को भुगतना पड़ रहा है। सहायक अभियंता के नए पद सृजित नहीं होने से जिले के नव पदोन्नत सहायक अभियंताओं को मजबूरन जिला बदर होना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि गत वर्ष कनिष्ठ अभियंताओं की ओर से वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था। इस आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने विद्युत निगम कनिष्ठ अभियंताओं को पदोन्नति देकर सहायक अभियंता बनाने के निर्देश तीनों अजमेर, जयपुर व जोधपुर डिस्कॉम को दिए। साथ ही सरकार ने जितने कनिष्ठ अभियंताओं को पदोन्नति देनी थी, उस हिसाब से पहले सहायक अभियंता के नए पद सृजित करने के आदेश दिए, लेकिन जोधपुर डिस्कॉम ने आनन फानन में 138 कनिष्ठ अभियंता को सहायक अभियंता तो बना दिया, लेकिन नए पद सृजित करने की कार्रवाई नहीं की।
जबकि राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 138 कनिष्ठ अभियंता को पदोन्नत कर सहायक अभियंता बनाकर इनके लिए नए पद सृजित कर लगाया जाए। जबकि अजमेर व जयपुर डिस्कॉम ने पहले नए पद सृजित किए व बाद में कनिष्ठ अभियंताओं को पदोन्नत कर नए सृजित पदों पर नियुक्ति दी। करीब एक माह पूर्व जोधपुर डिस्कॉम ने 138 कनिष्ठ अभियंता को पदोन्नत कर सहायक अभियंता बनाकर पुराने रिक्त पदों पर लगा दिया। अजमेर डिस्कॉम ने 137 व जयपुर डिस्कॉम ने 20 कनिष्ठ अभियंता को पदोन्नत कर राज्य सरकार के आदेशों की पालना में सहायक अभियंता के नए पद सृजित कर नियुक्ति दी। मजे की बात यह है कि जोधपुर डिस्कॉम ने सरकार के आदेशों की अवहेलना करते हुए सहायक अभियंता के नए पद सृजित करने की बजाय रिक्त पदों पर नव पदोन्नत अधिकारियों को नियुक्ति दे दी।
ऊर्जा मंत्री के गृह जिले में हालात खराब
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी के गृह जिले बीकानेर में विद्युत निगम के हालात खराब नजर आते हैं। जिले के कई पदोन्नत इंजीनियर नए पद सृजित होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। उन्हें अब जिला बदर होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 8-10 कनिष्ठ अभियंता पदोन्नत होकर सहायक अभियंता तो बन गए, लेकिन नए पद सृजित नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन जिला छोड़ना पड़ रहा है। जबकि जोधपुर में कॉरपोरेट ऑफिस होने के कारण पदोन्नत हुए अधिकारियों के लिए कोई परेशानी नहीं है।
नए सब डिवीजन भी अधरझूल में
जोधपुर डिस्कॉम में उपभोक्ता व बिजली बढ़ोतरी को देखते हुए नए सब डिवीजन बनाने के प्रस्ताव सभी खंड व सर्कल से मांगे गए थे। इसके तहत जोधपुर डिस्कॉम में सभी जगह से नए सहायक अभियंता कार्यालय बनाने के प्रस्ताव गत वर्ष 15 अक्टूबर तक कॉर्पोरेट कार्यालय में आ गए, लेकिन आज तक यह प्रस्ताव कार्रवाई नहीं होने के कारण धूल फांक रहे है। गत भाजपा सरकार में महाजन सहित जिले में बनाए पांच सब डिवीजन भी बंद कर देने से हालात खस्ता बने है। इसका खमियाजा विद्युत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
इनका कहना है
मैनेजमेंट की ओर से वित्त विभाग के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। यदि समय रहते उचित अनुपात में सभी जिलों में सहायक अभियंता की सीटें नही बढ़ाई गई तो मैनेजमेंट के खिलाफ जोधपुर में एसोसिएशन की ओर से धरना दिया जाएगा। मैनेजमेंट के लचर रवैये से ऊर्जा मंत्री को भी अवगत कराया जाएगा।
कालूराम प्रजापत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बिजली इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ जोधपुर डिस्कॉम।