
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के दो चिकित्सकों को राज्य सेवा से निलंबित कर दिया गया है। इस आशय के आदेश कार्मिक विभाग के संयुक्त शासन सचिव महेन्द्र कुमार खींची ने सोमवार को जारी किए हैं। आदेश में दोनों निलंबित चिकित्सकों का मुख्यालय जोधपुर मेडिकल कॉलेज रहेगा।
आदेश में सर्जरी (जनरल) सह आचार्य डॉ. रामकृष्ण काजला एवं निश्चेतन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. मीरा कुमारी को राज्य सेवा से निलंबित किया गया है। यह निलंबन राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम-13 के तहत किया गया है। निलंबनकाल के दौरान दोनों चिकित्सकों को जोधपुर मेडिकल कॉलेज में उपस्थिति अंकित करनी होगी।
यह है मामला
सार्दुल कॉलोनी निवासी अनिल मिढ्ढा की पत्नी सीमा खत्री का हरनिया का ऑपरेशन होना था। उसने पीबीएम हॉस्पिटल में सर्जन डॉ. आरके काजला को दिखाया। आरोप है कि डॉ. काजला ने श्रीराम हॉस्पिटल में ऑपरेशन करने की बात कही और इसके लिए अनिल ने उन्हें 15 हजार रुपए एडवांस दिए। शेष दस हजार रुपए ऑपरेशन के बाद देने थे।
ऑपरेशन के दौरान सीमा की मृत्यु हो गई। अनिल ने आरोप लगाया कि डॉ. काजला और पीबीएम हॉस्पिटल की ही एनेस्थेटिक डॉ. मीरा कुमारी ने ऑपरेशन में लापरवाही बरती, जिससे उसकी पत्नी की मौत हो गई। अनिल मिढ्ढा ने २० मई को सदर थाने में डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था।
धरने व प्रदर्शन हुए, जांच कमेटी गठित हुई
पंजाबी महासभा संघर्ष समिति अध्यक्ष दीपक अरोड़ा एवं नरेश चुघ के नेतृत्व में पीडि़त परिवार व समिति के सदस्यों ने न्याय के लिए धरना-प्रदर्शन किया था। तब कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रंजन माथुर, डॉ. अशोक परमार, डॉ. पिंटू नाहटा, डॉ. अनिता पारीक, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट रामावतार महायच की जांच कमेटी गठित की। कमेटी की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई। इस पर डॉ. काजला और डॉ. मीरा को एपीओ कर मुख्यालय जोधपुर मेडिकल कॉलेज रखा गया था।