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Bikaner : सेवानिवृत्ति से 18 घंटे पहले रद किया प्रकरण, 3 बड़े अफसरों पर परिवाद दर्ज, लोकायुक्त ने दिए जांच के आदेश

Bikaner : तत्कालीन शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज 18 घंटे पहले 30 जुलाई 2026 की रात को इस प्रकरण को निरस्त कर दिया था। अब लोकायुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षा निदेशक, उपनिदेशक और तत्कालीन डीईओ माध्यमिक के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया है।
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बीकानेर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 6 Nov 2026, 1:17 PM IST

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Bikaner : लोकायुक्त में दायर परिवाद का स्टेट्स। फोटो पत्रिका

Bikaner : बीकानेर. शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के एक प्रकरण को कथिततौर पर अनुचित तरीके से समाप्त करने के आरोप लगे हैं। मामले में लोकायुक्त ने तत्कालीन शिक्षा निदेशक सीताराम जाट, उपनिदेशक महेंद्र सिंह जाखड़ और तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक किशन दान चारण के खिलाफ परिवाद दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। उदयरामसर निवासी सीमा यादव ने इस संबंध में लोकायुक्त को शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, बोर्ड परीक्षा-2026 के लिए गठित उड़नदस्ते में सीसीए नियम-16 के तहत आरोपी एक प्रधानाचार्य को शामिल किया गया था। इस मामले की विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। आरोप है कि उपनिदेशक महेंद्र सिंह जाखड़ ने तत्कालीन शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के साथ मिलकर कथित रूप से अनुचित तरीके से इस प्रकरण को समाप्त कर दिया।

सेवानिवृत्ति से ठीक पहले निरस्त किया प्रकरण

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज 18 घंटे पहले 30 जुलाई 2026 की रात को इस प्रकरण को निरस्त कर दिया था।

शिकायतकर्ता ने इस फैसले और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए लोकायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन शिक्षा निदेशक और उपनिदेशक के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी किशन दान चारण के विरुद्ध विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर सीसीए नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। लोकायुक्त की ओर से परिवाद दर्ज कर जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी।