
बीकानेर. नई गजनेर रोड ओवरब्रिज के पास स्थित राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह से आठ दिन पूर्व सुरक्षा गार्ड को चकमा देकर भागे विधि से संघर्षरत बालक को जोधपुर में पकड़ लिया गया है। अब बालक जोधपुर के बाल सुधार गृह में है। बालक को अब भीलवाड़ा शिफ्ट कराया जाएगा। वहीं बालक के फरार होने की घटना में किशोर गृह में तैनात सुरक्षा गार्ड की लापरवाती मानते हुए उसे वहां से हटा दिया गया था।
फरारी से एक दिन पहले ही आया था
बाल किशोर एवं संप्रेषण गृह से १५ सितंबर को फरार हुए बालक को जोधपुर में १९ अक्टूबर को पकड़ा। बीकानेर के संप्रेषण गृह से २१ अक्टूबर को सेफ्टी और पैलेस के ११ बालकों को भीलवाड़ा शिफ्ट किया गया। बीकानेर से फरार इस बालक को जोधपुर से २५ अक्टूबर को बीकानेर लाया गया। २६ अक्टूबर की रात को संप्रेषण गृह का गेट खुला रहने से यह सुरक्षा गार्ड को चकमा देकर फिर भाग गया।
इस बार काम आया तालमेल
बीकानेर से बालक के फरार होने के बाद बाल किशोर एवं संप्रेषण गृह के अधिकारियों और पुलिस ने सामंजस्य बनाकर काम किया। नतीजन फरार बालक को ३१ अक्टूबर को दबोच लिया गया। फरारी के बाद से स्थानीय संप्रेषण गृह के अधिकारी,
स्थानीय पुलिस और जोधपुर पुलिस ने तालमेल बैठा कर बालक की पल-पल की जानकारी एक-दूसरे से साझा की।
तीसरी बार भागा
किशोर गृह से पिछले दो महिनों में यह बालक तीन बार भाग चुका हैं। १५ सितंबर को गार्ड को चोटिल कर फरार हुआ था जो जोधपुर में अपने परिजनों के यहां चला गया। परिजनों ने उसे किशोर न्याय बोर्ड जोधपुर के सदस्यों को सौंपा। यहां से यह बालक फिर फरार हो गया। जोधपुर पुलिस ने इसी बालक को १९ अक्टूबर को पकड़ा। पुलिस उसे २५ अक्टूबर को बीकानेर लेकर आई। स्थानीय बाल सुधार गृह उसे भीलवाड़ा शिफ्ट कराने की तैयारी कर ही रहा था कि यह २६ अक्टूबर की रात फिर भाग गया। विदित रहे कि १५ सितंबर को यह भागा था तब इसके साथ तीन अन्य भी भागे थे, जिन्हें बाद में पकड़ लिया गया।
फरार बालक जोधपुर में पकड़ा जा चुका है। अब उसे जोधपुर से भीलवाड़ा शिफ्ट किया जाएगा या फिर एक बार वापस बीकानेर भेजेंगे। यह न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा। यहां संप्रेषण गृह के रिनोवेशन के कार्य के चलते बालक को भीलवाड़ा ही शिफ्ट कराया जाएगा।
शारदा चौधरी,अधीक्षक राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह