बीकानेर

खेजड़ी बचाओ आंदोलन : आमरण अनशन पर बैठे 10 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ी

बीकानेर में चल रहा खेजड़ी बचाओ आंदोलन तेज होता जा रहा है। लगातार राजनीतिक समर्थन मिल रहा है। वहीं बुधवार को अनशन पर बैठे कई लोगोें की तबीयत खराब हो गई, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
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Feb 04, 2026
Khejri Protest
संत की तबीयत बिगड़ने पर स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक (फोटो-पत्रिका)

बीकानेर। खेजड़ी वृक्षों की कटाई के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन बुधवार को और तीव्र हो गया। महापड़ाव स्थल पर बड़ी संख्या में साधु-संत, महिलाएं और स्थानीय लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं। अनशनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच बुधवार को 10 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद आंदोलन स्थल पर तनाव और चिंता बढ़ गई।

आंदोलन स्थल पर अनुशासन और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। सुबह छह बजे संतों के सान्निध्य में खेजड़ी वृक्ष की विधिवत पूजा की गई। बड़ी संख्या में समर्थक मुंह पर उंगली रखकर मौन संकल्प में खड़े रहे।

पड़ाव स्थल से थोड़ी दूर सड़क पर डेरा डाले पुलिसकर्मी (फोटो-पत्रिका)

प्रशासन ने अस्थायी अस्पताल बनाया

अनशन के दौरान किडनी रोगी सुभाष डाबला की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन सक्रिय हुआ। एडीएम सिटी रमेश देव और अन्य अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर बिश्नोई धर्मशाला में अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित करवाया। 17 अनशनकारियों की जांच की गई, जिनमें चार की हालत गंभीर पाई गई और उन्हें पीबीएम अस्पताल भेजा गया। इनमें संत लालदास महाराज, मांगीलाल और संत रामेश्वर दास शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मौके पर मौजूद है।

घर से भी आमरण अनशन शुरू

इसके अलावा 12 अनशनकारियों की हालत ठीक नहीं होने पर पास ही बिश्नोई धर्मशाला में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। महापड़ाव में 29 संतों, 60 महिलाओं सहित 458 पर्यावरण प्रेमियी आमरण अनशन पर हैं। वहीं रावलामंडी के वार्ड 5 निवासी एवं अखिल भारतीय जंभेश्वर सेवक दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राम सिंह कस्वां ने मंगलवार से अपने घर के पूजा घर में आमरण अनशन शुरू किया।

बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ (फोटो-पत्रिका)

प्रदेशभर से समर्थन बढ़ा

संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि आंदोलन को राज्यभर से समर्थन मिल रहा है। संत भागीरथ दास और परसाराम खोखर ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस नेता मलखान सिंह बिश्नोई, किसनाराम बिश्नोई और बिशनाराम सियाग समेत कई सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन जताया है। महाराजा सूरजमल फाउंडेशन ने भी आंदोलन के पक्ष में बयान दिया है।

शुक्रवार को अनाज मंडियां बंद रहेंगी

श्री बीकानेर कच्ची आड़त व्यापार संघ ने आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को जिले की सभी अनाज मंडियां बंद रखने का ऐलान किया है। बीकानेर, श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर, नोखा, खाजूवाला, पूगल, बज्जू और छतरगढ़ की मंडियां बंद रहेंगी। व्यापारियों ने बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर धरनास्थल पर समर्थन भी दिया।

Published on:
04 Feb 2026 10:08 pm