बरसलपुरा के खेतों में तेंदुआ के पदचिन्ह मिल रहे थे। शनिवार को अचानक इस तेंदुआ का सामान खेत में काम कर रहे किसान पिता-पुत्र से हुआ। फसल कटाई की दांती से किसान ने तेंदुआ के हमले का बचाव किया। किसान घायल हो गया और उसे अस्पताल ले गए। बाद में यह तेंदुआ मृत मिला है।
बीकानेर. बज्जू क्षेत्र के बरसलपुर ग्राम पंचायत के चक 6 बीडीवाई में शनिवार शाम को खेत में काम कर रहे पिता-पुत्र पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में दोनों घायल हो गए। बाद में तेंदुआ पास के पानी के खाळे में मृत अवस्था में मिला। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश मेघवाल और उसका पुत्र कमल मेघवाल खेत में फसल की कटाई कर रहे थे। इस दौरान झाड़ियों की ओर से अचानक एक तेंदुआ निकलकर उन पर टूट पड़ा। अचानक हुए हमले से दोनों घबरा गए, लेकिन संभालते हुए उन्होंने हिम्मत दिखाई और बचाव किया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके।
हमले के दौरान पिता-पुत्र ने फसल काटने के औजार ‘दांती’ से तेंदुए का मुकाबला किया। उनके प्रतिरोध के चलते तेंदुआ वहां से भाग निकला। इस दौरान दोनों को चोट आईं, लेकिन उन्होंने स्वयं को बचा लिया। घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस सक्रिय है। ग्रामीणों को किसी भी जानवरी के पदचिन्ह मिले तो तुरंत सूचना देने के लिए कहा है।
रणजीतपुरा थाना के एएसआइनैनुसिंह के अनुसार शाम करीब 4.15 बजे सूचना मिली कि क्षेत्र में तेंदुआ घुस आया है और दो लोगों को घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत बरसलपुर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
हमले के बाद तेंदुआ पास के एक खाळे (वॉटरकोर्स) में घुस गया था। कुछ समय बाद तलाश के दौरान पास ही खाळे में मृत अवस्था में पाया गया। इसके बाद पुलिस ने वन विभाग को सूचना दी।
क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपेन्द्रसिंह मौके पर पहुंचे और तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय 156 में सुरक्षित रखवाया। अधिकारियों के अनुसार तेंदुए का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके।
लेपर्ड यानि तेंदुआ बीकानेर संभाग में नहीं है। यह कहां से बीकानेर क्षेत्र में आया इसकी जांच की जा रही है। तेंदुआ की मौत किसान पर हमले के दौरान घायल होने के बाद होने का अनुमान है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा कि मौत की असली वजह क्या है। माना जा रहा है कि यह तेंदुआ पाली क्षेत्र के वनों से चलकर इस तरफ आया होगा। हालांकि पाकिस्तान की सीमा ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे में सीमा पार से भी आया होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।