बीकानेर

Rajasthan: जिस घर में चल रहा था नाच-गाना… पलभर में गूंजने लगी चीत्कार, बेटे के शादी की खुशी में नाच रहे पिता की अचानक हुई मौत

शादी वाले घर में उस समय अफरातफरी मच गई, जब बेटे की शादी की खुशी में नाच रहे पिता की अचानक मौत हो गई। परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में सभी नाच-गाने में लगे थे, हंसी-ठिठोली कर रहे थे, उसी घर से अचानक चीत्कार उठने लगी।
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Nov 19, 2025
Bikaner Death
खुशी में डांस कर रहे पूनमचंद प्रजापत (फोटो-पत्रिका)

बीकानेर। बेटे की पांच दिन बाद शादी और घर में खुशी का माहौल। नाच-गाना चल रहा था, तो पिता भी इसमें शामिल होकर घर के आंगन में नाचने लगे। नाचते-नाचते वे अचानक बेसुध हो गए और मौत हो गई। बीकानेर की बंगलानगर कॉलोनी में बुधवार दोपहर हुई इस घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। जिस घर में नाच-गाना और मंगलगीत गूंज रहे थे, पलभर में रुदन और चीत्कार गूंजने लगा। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।

बंगलानगर निवासी पूनमचंद प्रजापत के बेटे पंकज की 25 नवम्बर को शादी होनी है। घर में बड़ी बनाने के मांगलिक आयोजन में बहन-बेटियां और परिवार के सदस्य शामिल थे। इसमें पूनमचंद भी बेटे के विवाह की खुशी में चल रहे नाच-गाने में शामिल हो गए। कुछ देर ही नाचे थे कि अचानक पूनमचंद बेसुध होकर निढाल हो गए।

पीबीएम अस्पताल में मौत की पुष्टि

परिजनों ने तुरंत संभाला और उन्हें लेकर पीबीएम के हल्दीराम हार्ट अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद पूनमचंद को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि अचानक हृदय के काम नहीं करने से पूनमचंद की मौत हुई है।

बेटियां हुईं बेसुध

भाजपा जिला उपाध्यक्ष और कुम्हार समाज के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट अशोक प्रजापत ने बताया कि पूनमचंद के निधन की सूचना पाकर उनकी दोनों बेटियां अंजू और राजू बेसुध हो गईं। बेटा पंकज, जिसकी शादी है वह जयपुर में नौकरी करता है। उसे गुरुवार को बीकानेर आना था। अस्पताल में कुम्हार समाज के त्रिलोक चंद गेधर, जेठा राम कलोड़, बजरंग वर्मा, किशन संवाल आदि भी पहुंचे।

सडन कार्डियक अरेस्ट का मामला

चिकित्सा की भाषा में इस तरह की मौत को सडन कार्डियक अरेस्ट का मामला माना जाता है। इसमें अचानक हृदय काम करना बंद कर देता है। तीस से पचास आयु वर्ग के व्यक्ति में कुछ बीमारी हिडन होती है। वह जांच से ही डिटेक्ट होती है। साथ ही जन्मजात ही हृदय की बनावट भी खराब हो सकती है। दौड़ते या नाचते समय हृदय पर दबाव बढ़ता है और उसकी गति कई बार अनियंत्रित हो जाती है। इससे सडन कार्डियक अरेस्ट की आशंका बन सकती है। इस मामले में भी संभवत: ऐसा ही हुआ हो सकता है। इसलिए 40 की आयु के पार हर व्यक्ति हो समय-समय पर अपना बॉडी चेकअप करवाते रहने की सलाह दी जाती है। -डॉ पिंटू नाहटा, प्रभारी हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल, बीकानेर

Updated on:
20 Nov 2025 08:49 am
Published on:
19 Nov 2025 08:00 pm