बीकानेर

बरसाती पानी पर खनिज माफियाओं का कब्जा, लाचार विभाग ने नोटिस देकर कर ली इतिश्री

bikaner news - Mineral mafia occupied the rain water, the helpless department did it by giving notice

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बरसाती पानी पर खनिज माफियाओं का कब्जा, लाचार विभाग ने नोटिस देकर कर ली इतिश्री

श्रीकोलायत के ग्राम पंचायत गंगापुरा का मामला, नदी के बहाव क्षेत्र में बनाया अवैध बांध
जयभगवान उपाध्याय
एक्सक्लूसिव स्टोरी
बीकानेर.
खनिज माफियाओं के आगे सरकारी तंत्र कैसे घुटने टेक देता है यह देखना हो तो श्रीकोलायत के ग्राम पंचायत गंगापुरा में ताजा उदाहरण मिल जाएगा। यहां खनिज माफियाओं के एक गिरोह ने नदी के बहाव क्षेत्र में अवैध बांध बनाकर बरसाती पानी पर ही कब्जा कर लिया है।

हैरानी की बात तो यह है कि खनिज माफियाओं के इस दुस्साहस के बावजूद जल संसाधन विभाग ने दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उन्हें नोटिस देकर इतिश्री कर ली है। विभाग ने पांच-छह लोगों को नोटिस देकर सात दिन में अवैध बांध हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी अवैध बांध को अभी तक लोगों ने नहीं हटाया गया है। इतना ही नहीं कार्यालय सहायक अभियंता जल संसाधन उपखण्ड, बीकानेर के अधिकारियों ने भी नोटिस देने के बाद क्षेत्र का दोबारा मौका मुआवना भी नहीं किया। जबकि संबंधित व्यक्तियों को दिए नोटिस में सात दिन की अवधि के साथ ही कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।


रियासतकालीन बांध
जिस क्षेत्र के बरसाती पानी पर अनाधिकृत रूप से बांध बनाकर कब्जा किया गया है, वह क्षेत्र वर्ष 1903-04 रियासतकाल में निर्मित है। इस क्षेत्र की सार-संभाल करने का जिम्मा फिलहाल कार्यालय सहायक अभियंता जल संसाधन उपखण्ड के पास है। लेकिन विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने की बजाय आंखें मूंदे बैठे हैं। यही कारण है कि खनिज माफियाओं के साथ मिले स्थानीय लोगों ने गंगासरोवर बांध की किशनायत नदी के बहाव क्षेत्र में बांध बनाकर जल आवक क्षेत्र को बाधित कर दिया है। विभाग के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि अनाधिकृत रूप से किए कब्जों के कारण बांध में जल की आवक में कमी हुई है।


गैर कानूनी कृत्य
राजस्थान सिंचाई एवं जल निकास अधिनियम 1954 के अनुसार किसी भी नदी, सहायक नदी, नाले में किसी भी विभाग या एजेंसी अगर बिना पूर्व अनुमति के अवैध निर्माण करती है तो संबंधित व्यक्ति के कृत्य को अपराधिक माना जाएगा। इतना ही नहीं ऐसा कृत्य करने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही प्रशासनिक अमले की ओर से अगर अवैध बांध हटाया जाता है तो उसका खर्चा भी संबंधित व्यक्तियों से वसूला जाएगा।


उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया
किशनायत नदी के पानी को अवैध रूप से बांध बनाकर रोका गया है। मौका मुआवना करने के बाद पांच-सात लोगों को नोटिस दिए हैं। पुन: क्षेत्र का मौका मुआवना कर वस्तुस्थिति के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
श्रवण कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जल संसाधन विभाग, बीकानेर

Published on:
27 Jul 2021 05:05 pm
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