
बीकानेर . बीते तीन महीने में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की तादाद में दो से तीन गुणा वृद्धि हुई है। करीब तीन हजार जन्म प्रमाण पत्र आज्ञापत्र के आधार पर निगम से जारी हुए है। यानि अस्पतालों के रिकॉर्ड की जगह घर पर जन्म लेने वालों की संख्या अधिक रही है।
तहसील कार्यालय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से जनवरी से अब तक करीब चार हजार से अधिक आज्ञापत्र जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त हुए है।
इनमें ३२०० से अधिक शहरी और ८०० से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के है। सफाई कर्मचारी भर्ती और स्कूलों में प्रवेश को लेकर पिछले तीन माह से जन्म प्रमाण पत्र के लिए आज्ञापत्र की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। तीन महीने में ही २२०० से अधिक जन्म आज्ञापत्र तहसील कार्यालय को प्राप्त हो चुके हंै।
हर माह बढ़ रही संख्या
तहसील कार्यालय के अनुसार जनवरी से जन्म प्रमाण पत्र के लिए आज्ञापत्र की संख्या चार सौ से अधिक बनी हुई है। मार्च में ४१३, अप्रेल में ८१३ तथा मई (अब तक) १०२२ जन्म आज्ञापत्र तहसील कार्यालय को प्राप्त हुए। वहीं जनवरी में ५८८ तथा फरवरी में ४५८ आवेदन प्राप्त हुए।
इसलिए जरूरी आज्ञापत्र
किसी व्यक्ति का जन्म अस्पताल में न होकर घर पर हुआ हो और उसे जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है तो इसके लिए आज्ञापत्र जरूरी होता है। पहले नगर निगम एनओसी देता है फिर आज्ञापत्र तहसील कार्यालय में प्रस्तुत होता है। तहसील कार्यालय से आज्ञापत्र प्रमाणित होने पर ही निगम जन्म प्रमाण पत्र जारी करता है। अस्पताल में जन्म होने की स्थिति में निगम अस्पताल रिकार्ड के अनुसार आवेदक को जन्म प्रमाण पत्र जारी कर देता है।
महिलाओं को दी कौशल विकास की जानकारी
नोखा. राजीविका महिला सवार्गींण विकास सहकारी समिति नोखा की बैठक मंगलवार को काकड़ा में हुई। बैठक में ५० से अधिक महिलाओं का पंजीकरण किया गया। बाद में महिलाओं को कौशल विकास व लघु उद्योगों के प्रशिक्षण की जानकारी दी गई। बैठक में ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर रघुनाथ डूडी, मनोज सैनी, विक्रम, कलावती, पुषीदेवी, पप्पूदेवी, सुगन कंवर, रामेश्वरी, पुष्पा अणखीसर, गायत्री, शारदा, कौशल्या सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।