
कोर्ट का ऑर्डर
जयपुर। हाईकोर्ट ने बीटेक (कंप्यूटर) योग्यता वालों को कनिष्ठ लिपिक भर्ती में शामिल करने के राजस्थान लोक सेवा आयोग के निर्णय पर मोहर लगा दी है। साथ ही, मामले में दखल से इनकार कर दिया।
गजेन्द्र सिंह की याचिका खारिज
न्यायाधीश वी एस सिराधना ने मामले में गजेन्द्र सिंह की याचिका खारिज कर दी। प्रार्थीपक्ष ने 2013 की एलडीसी भर्ती को लेकर याचिका दायर की थी कि भर्ती के लिए कम्प्यूटर डिप्लोमा व आरएससीआइटी पात्रता है, अधिक योग्यता को लेकर कोई प्रावधान नहीं है। मामले में गत 22 फरवरी को हाईकोर्ट ने बीटेक (कम्प्यूटर) योग्यता वालों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी और फिर फैसला सुरक्षित कर लिया था।
15 गुना से अधिक आए, न दें नियुक्ति
हाईकोर्ट ने राज. प्रशासनिक-अधीनस्थ सेवा भर्ती-2016 पर आदेश दिया कि मुख्य परीक्षा में 15 गुणा से अधिक बुलाए गए अभ्यर्थियों को सफल होने के बावजूद नियुक्ति नहीं दी जाए। कोर्ट ने कहा कि आरक्षण का लाभ नियुक्ति के समय ही दिया जा सकता है, चयन प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर आरक्षण का प्रावधान लागू नहीं किया जा सकता।
एकलपीठ का आदेश निरस्त
खण्डपीठ ने एकलपीठ का आदेश निरस्त कर दिया। मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग व अन्य ने अपील की थी। इनमें कहा गया कि एकलपीठ ने विशेष पिछड़ा वर्ग आरक्षण रद्द होने के बावजूद आरएएस भर्ती-2016 का संशोधित परिणाम के मामले में आदेश दिया था कि मुख्य परीक्षा निरस्त कर विशेष पिछड़ा वर्ग को आरक्षण बिना प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया जाए और नए सिरे से चयन प्रक्रिया पूरी की जाए।
Published on:
30 May 2018 10:24 am
