बीकानेर

बोले कांग्रेस पार्षद: गोधों, गड्ढों और कुत्तों से परेशान शहरवासी, निगम प्रशासन कर रहा अनदेखी

बीकानेर. बिगड़ी सफाई व्यवस्था, सड़कों पर घूमते निराश्रित पशु और अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को कांग्रेस पार्षदों ने निगम आयुक्त को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि निराश्रित पशुओं की चपेट में आकर लोग घायल हो रहे हैं और आत्महत्या तक करने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
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nagar nigam bikaner
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बीकानेर. बिगड़ी सफाई व्यवस्था, सड़कों पर घूमते निराश्रित पशु और अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को कांग्रेस पार्षदों ने निगम आयुक्त को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि निराश्रित पशुओं की चपेट में आकर लोग घायल हो रहे हैं और आत्महत्या तक करने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।

नेता प्रतिपक्ष जावेद पडि़हार के नेतृत्व में पार्षदों ने जनसमस्याओं के निस्तारण में निगम प्रशासन पर विफल साबित होने का आरोप लगाया। पडि़हार ने कहा कि निगम निराश्रित पशुओं को नहीं पकड़ पा रहा है। नालों की सफाई नहीं हो रही है। लोग खुले नालों में गिरकर घायल हो रहे हैं। मुख्य सड़कों से बाजारों और गली-मोहल्लों तक रात में अंधेरा रहता है। सफाई, लाइट आदि कार्यों की मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। उन्होंने वार्डों में विकास कार्यों में भेदभाव का भी आरोप लगाया। पार्षदों ने निगम की साधारण सभा बुलाने, शहर के छोटे-बड़े नालों की ठेकेदार के माध्यम से सफाई करवाने, अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने आदि मांगें रखी।

निकलें तो दिखे समस्या
कांग्रेस पार्षदों ने आमजन की समस्याओं के निराकरण में उपायुक्तों सहित अन्य अधिकारियों की उदासीनता पर रोष जताया। पडि़हार ने कहा, 'आयुक्त साहब शहर में निकलो, तब पता चलेगा कि लोग कितने परेशान हैं।Ó लोग गोधों से बचें तो कुत्ते काट लेते हैं। सड़कों पर बने गड्ढों से लोग परेशान हैं, नाले खुले होने से लोग उनमें गिर रहे हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम स्वास्थ्य अधिकारी व स्वास्थ्य निरीक्षक पार्षदों के फोन नहीं उठाते तो आमजन की समस्याएं कैसे दूर होंगी। इस दौरान पार्षद सहाबुद्दीन भुट्टा, आदर्श शर्मा, समीउल्ला, हजारीमल, मनोज नायक, यूनुस अली, यशपाल सिंह, मोहम्मद अनवर छींपा, परमानन्द गहलोत तथा सुभाष स्वामी आदि शामिल मौजूद रहे।

तीन पिंजरे और खरीदेंगे
आयुक्त प्रदीप के गवांडे ने पार्षदों को निराश्रित सांडों को पकडऩे के लिए तीन और पिंजरे खरीदने तथा रोजाना पचास से अधिक सांड पकड़वाने का आश्वासन दिया। उधर, महापौर ने बताया कि पिंजरे खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं निराश्रित सांड को गोशाला में रखने के लिए निगम की ओर से दो वर्षों का सोहनलाल-बुला देवी ओझा गोशाला समिति नापासर से अनुबंध किया गया है।

Updated on:
21 Aug 2018 10:36 am
Published on:
21 Aug 2018 10:36 am