bikaner news - Now Indira will give the remaining gram and wheat to the kitchen
उचित मूूल्य दुकानों से संकलन के बाद होगा वितरण
बीकानेर.
प्रवासी मजदूरों और गरीबों नाम आवंटित हुए राशन को अब इन्दिरा रसोई केन्द्रों को सौंपकर वापस जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। इससे पहले रसद विभाग जिले के उचित मूल्य दुकानदारों से शेष बचे राशन का उठाव करेगा। विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में दुकानदारों को 7 जुलाई से पहले राशन जमा करवाने के लिए कहा है।
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन अवधि में राज्य और केन्द्र सरकार ने जरूरतमंदों को गेहूं और चने का वितरण किया था। इससे पूर्व केन्द्र सरकार की ओर से आवंटित शेष रहे चने को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से वितरित किया गया था। लेकिन राज्य सरकार ने शेष खाद्यान को इन्दिरा रसोई केन्द्रों के माध्यम से बांटने का निर्णय लिया है।
2078 क्विंटल गेहूं देंगे
रसद विभाग उचित मूल्य दुकानदारों से 2078 क्विंटल गेहूं और 133 क्विंटल चने का उठाव कर कुल खाद्यान्न को इन्दिरा रसोई केन्द्रों में सौंपेंगा। इस खाद्यान्न को गरीब व जरूरतमंद लोगों को दिया जाएगा। रसद अधिकारी भागूराम महला ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में राज्य और केन्द्र सरकार ने गरीब और प्रवासी मजदूरों को चिन्हित करवाने का कार्य किया था। इसके बाद संबंधित लोगों को राशन का वितरण भी किया गया, लेकिन अधिकतर जिलों में आवंटित खाद्यान्न की कुछ मात्रा शेष रह गई। हाल ही में राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर शेष रहे खाद्यान्न को इन्दिरा रसोई केन्द्रों को सौंपे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उचित मूल्य दुकानदारों से शेष रहे राशन का संकलन कर जल्द ही इन्दिरा रसोई केन्द्रों में राशन की पहुंच करवा दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य और केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन अवधि में हजारों क्विंटल राशन का मुफ्त वितरण प्रवासी मजदूरों और गरीब परिवारों को किया था।
आठ रुपए में थाली
राज्य सरकार की महत्वपूर्ण इन्दिरा रसोई योजना के माध्यम से फिलहाल आठ रुपए में थाली उपलब्ध करवाई जाती है। लॉकडाउन अवधि में भी इन्दिरा रसोई के माध्यम से गरीबों को भोजन उपलब्ध करवाया गया था। हालांकि इससे पूर्व भाजपा कार्यकाल में भी गरीबों के लिए रसोई का संचालन किया जाता था।