श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समित ( Panchayat samiti shri dungargarh ) : अब तक 09 जनप्रतिनिधि 10 बार बने है प्रधान pradhan ( Panchayat samiti pradhan ) Panchayat samiti ( Panchayat samiti shri dungargarh )
बीकानेर. पहले चूरू जिले का हिस्सा रही श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति ( Panchayat samiti shri dungargarh ) पिछले बीस सालों से बीकानेर जिले का हिस्सा है। पंचायत समिति में अब तक 09 जनप्रतिनिधि 10 बार प्रधान ( pradhan ) बने है। सबसे अधिक समय तक लूणाराम सारण ने प्रधान पद का दायित्व संभाला है। वे पहली बार 1972 तक प्रधान रहे। दूसरी बार लूणाराम ने वर्ष 1981 में कार्यभार संभाला। लेकिन वे जनवरी 1982 तक इस पद पर रहे।
पंचायत समिति में लूणाराम सारण के अलावा अब तक किसी अन्य जनप्रतिनिधि को दोबारा प्रधान बनने का अवसर नहीं मिला है। पिछले 38 साल से कोई भी जनप्रतिनिधि दोबारा प्रधान पद की कुर्सी पर नहीं बैठ पाया है। पंचायत समिति में अब तक केवल एक बार महिला प्रधान चुनी गई है। वहीं दो जनप्रतिनिधि ऐसे भी रहे है जो पहले उप प्रधान बने फिर प्रधान का दायित्व संभाला।
एक महिला बनी है प्रधान
श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में अब तक केवल एक बार महिला को प्रधान बनने का अवसर मिला है। विमला मेघवाल वर्ष 1995 में प्रधान चुनी गई। उन्होंने वर्ष 2000 तक प्रधान पद का दायित्व संभाला। उप प्रधान पद पर भी एक बार महिला चुनी गई। वर्ष 2005 में चौथी देवी जाखड़ ने उप प्रधान का पद संभाला। वे वर्ष 2010 तक इस पद पर रही।
पहले बने उप प्रधान फिर बने प्रधान
श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में दो जनप्रतिनिधियों को उप प्रधान बनने के बाद प्रधान पद संभालने का भी मौका मिला है। दुलाराम भांभू पहले उप प्रधान रहे। इसके बाद वर्ष 1972 में कार्यवाहक प्रधान के रूप में दायित्व संभाला। नानूराम मेघवाल 22 अक्टूबर 1981 से 7 जनवरी 1982 तक पहले उप प्रधान बने। फिर 8 जनवरी 1982 से 3 जुलाई 1988 तक प्रधान का दायित्व संभाला।
इन्होंने एक बार संभाली है प्रधान की कुर्सी
श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में आठ जनप्रतिनिधियों ने एक-एक बार प्रधान का दायित्व संभाला है। दुलाराम भांभू, नानूराम मेघवाल, सूरजमल चौधरी, विमला मेघवाल, छैलूसिंह शेखावत, भागूराम सहू और रामलाल मेघवाल एक-एक बार प्रधान की कुर्सी को संभाल चुके है।