
कमियां पाए जाने पर अस्पताल प्रशासन उस पर जुर्माना लगाता है, इसके बाजवूजद व्यवस्था सुधार नहीं रही है। अब एसपी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन एेसी एजेंसियों पर सख्ती बरतने के मूड में है। आउटसोर्सिंग के कामों में कमियां पाए जाने पर एजेंसी को तीन नोटिस दिए जाएंगे। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो उसे ब्लैकलिस्टेड किया जाएगा। यह महत्त्वपूर्ण निणर्य बुधवार को आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र में हुई मीटिंग में किया गया।
वार्ड इंचार्ज होगा जिम्मेदार
पीबीएम अस्पताल में आउटसोर्सिंग से काम करने वाले कर्मचारियों को ड्रेस में आना होगा। इन कर्मचारियों की हाजिरी वार्ड इंचार्ज लेंगे। वे रोजाना इनके कामों की समीक्षा कर रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को देंगे। वार्ड में कार्यरत अटेंडेंट और सुरक्षाकर्मियों की संख्या और उनके कामों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। वार्ड में सफाई नहीं होने पर इंचार्ज जिम्मेदार होगा।
जुर्माने को तैयार, काम पूरा नहीं
आउटसोर्सिंग से काम कराने वाली एजेंसियां ठेका ले लेती हैं, लेकिन सेवाएं पूरी नहीं देती। सेवा में कमी पाए जाने पर अस्पताल प्रशासन जुर्माना वसूलता है। एजेंसियां जुर्माना अदा करने को तैयार रहती हैं, लेकिन व्यवस्था पूरी नहीं करती। अब एेसी एजेंसियों को सभी व्यवस्था पूरी करनी होगी।
लिया हुओ काम नियमानुसार करना होगा। चेतावनी के बादी काम में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पीबीएम अधीक्षक डॉ. पीके बैरवाल, अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. एलए गौरी, डॉ. रंजन माथुर, कैंसर अस्पताल विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस कुमार, नर्सिंग अधीक्षक रामावतार महायच, सफाई ठेकेदार प्रतिनिधि भरत, पीबीएम सुरक्षा अधिकारी प्रभुसिंह शेखावत, डॉ. जीएस सेंगर, डॉ. बीएल चौपड़ा, वित्तीय सलाहकार संजय आदि उपस्थित थे।
ये काम हो रहे आउटसोर्सिंग से
पीबीएम में सफाई, सुरक्षा कार्य आउटसोर्सिंग से रहे हैं। साथ ही अटेंडेंट व कम्प्यूटर ऑपरेटर भी कार्यरत हैं।
सरकार से अनुमति ली
आउटसोर्सिंग के कामों को लेकर एजेंसियां गफलत कर रही हैं, जिससे व्यवस्था बिगड़ रही है। ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित एजेंसियों को पहले चेतावनी नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी सुधार
नहीं किया तो ब्लैकलिस्ट करेंगे। इस संबंध में राज्य सरकार से अनुमति ले ली है।
डॉ. आरपी अग्रवाल, प्राचार्य, एसपी मेडिकल कॉलेज