
बीकानेर. पीबीएम अस्पताल में बुखार-सर्दी, जुकाम के पीडि़तों की संख्या बढ़ गई है। हालात यह है कि वार्डों में बेड पूरे भरे हैं, मरीजों को जमीन पर बिस्तर लगाकर लिटाया जा रहा है। करीब दो महीने से बुखार का प्रकोप बढ़ा है। घर-घर बुखार-जुकाम पीडि़त हैं। वहीं प्रदेश में जीका वायरस का भय बना हुआ है।
ऐसे में लोग बुखार होने पर सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। बीसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज के सीएचसी प्रशिक्षण लेने वाले २४ मेडिकल छात्र, आंगनबाड़ी, आशा एवं एएनएम को साथ लेकर चार टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें गंगाशहर क्षेत्र में घर-घर जाकर बुखार पीडि़तों का सर्वे कर रही है।
अब तक छह की मौत
पीबीएम अस्पताल में मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के मरीजों की जांच व उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है। अस्पताल में जनवरी से अब तक डेंगू की आशंका के चलते ५८८४ मरीजों के नमूनों की जांच की गई, जिसमें से १४३ नमूने पॉजिटिव आए। अब तक छह मरीजों की मौत हुई, जिसमें दो बीकानेर जिले के थे। मेलेरिया की आशंका के चलते ८६११ मरीजों की जांच कराई, जिसमें १०२ पॉजिटिव मिले। चिकनगुनिया की आशंका के चलते १९ मरीजों की जांच कराई गई, जिसमें से एक मरीज पॉजीटिव आया।
कई बार मलेरिया, वायरल बुखार और चिकनगुनिया के मरीज की प्लेटलेट कम हो जाती है। इसलिए मरीज घबराएं नहीं। प्लेटलेट कम होने पर जरूरी नहीं है कि उसे डेंगू हो। डॉक्टर की सलाह से उपचार लें।
डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा, प्रो. मेडिसिन विभाग, पीबीएम