बीकानेर

कैंसर पीडि़तों का दर्द आर्थिक मदद से बांट रहे तीन दोस्त, तीन दिन में बांटे सवा तीन लाख रुपए

बीकानेर. कहते है ना, जो दूसरों की मदद करता है, भगवान भी उसकी मदद करते हैं। शायद इसी बात का अनुशरण करते हुए लुधियाना के तीन दोस्त बीकानेर में कैंसर का इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की मदद करने आए। साढ़े तीन माह में ये दोस्त दूसरी बार बीकानेर आए और कैंसर के अति गंभीर मरीजों की आर्थिक मदद की। लुधियाना निवासी सुखसिंह, रविन्दर सिंह और सुखविन्दर सिंह निस्वार्थ भाव से यहां कैंसर पीडि़तों की मदद को आ रहे हैं।
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Sep 17, 2018
PBM Hospital
PBM Hospital

बीकानेर. कहते है ना, जो दूसरों की मदद करता है, भगवान भी उसकी मदद करते हैं। शायद इसी बात का अनुशरण करते हुए लुधियाना के तीन दोस्त बीकानेर में कैंसर का इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की मदद करने आए। साढ़े तीन माह में ये दोस्त दूसरी बार बीकानेर आए और कैंसर के अति गंभीर मरीजों की आर्थिक मदद की। लुधियाना निवासी सुखसिंह, रविन्दर सिंह और सुखविन्दर सिंह निस्वार्थ भाव से यहां कैंसर पीडि़तों की मदद को आ रहे हैं।

श्रीकृष्ण सेवा संस्थान व स्वर्णकार नवयुवक सेवा समिति की ओर से कैंसर पीडि़तों के लिए पीबीएम पुलिस चौकी के पास अस्थायी रैन बसेरा चलाया जा रहा है। यहां कैंसर व अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज भी रह रहे हैं। इतना ही नहीं मरीजों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। पानी, बिजली, कूलर, मोबाइल चार्जर एवं टीवी। इतना ही नहीं मरीजों व परिजनों को सुबह चाय-नाश्ता भी मुहैया कराया जा रहा है। संस्थान के अध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी ने बताया कि शुक्रवार को सुख सिंह, रविन्दर सिंह और सुखविन्दर सिंह आए। ये तीन दिन तक कैंसर अस्पताल के पास संचालित रैन बसेरे में ठहरे। अतिगंभीर कैंसर पीडि़त यूपी निवासी अमरदेव (काल्पनिक नाम) को २० हजार, लुधियाना निवासी सुरभि (काल्पनिक नाम) को १० हजार, कैंसर पीडि़त एक बालिका को सात हजार रुपए की आर्थिक मदद की। इसके अलावा ८५ से ९० कैंसर पीडि़त मरीजों को ५००, १००० और २००० रुपए तक की मदद की।

पूर्व में दो दिन ठहरे भामाशाह
कैंसर पीडि़तों की ओर से संचालित रैन बसेरे में पूर्व में भी लुधियानों के तीन दोस्त २४, २५ मई को बीकानेर आए थे। तब भी रैन बसेरे में कैंसर पीडि़तों की मदद की थी। उस समय तीनों दोस्तों ने करीब दो से सवा दो लाख रुपए जरूरतमंदों को वितरित किए। साथ ही फल-फ्रूट, ५०-६० कैम्पर दूध-शर्बत वितरित किया था।

'लुधियाना से आए तीन दोस्तों ने आर्थिक मदद की। कैंसर पीडि़तों व परिजनों के लिए यह रैन बसेरा बहुत बड़ा मददगार है, लेकिन फिर भी इन दोस्तों ने खूब सेवा की। आर्थिक मदद के रूप में हर मरीज को रुपए दिए। आज के समय में नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वाले लोग अब भी है।
बिन्द्रसिंह, मरीज का पिता (कोमल) लुधियाना

'पिछले ढाई महीने से रैन बसेरे में रह रहे हैं। यहां धर्मशाला जैसी सभी सुविधा है। शुक्रवार को पंजाब से आए तीन लोगों ने मरीजों की खूब सेवा की। उनके द्वारा की गई मदद को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। वर्तमान में कोई मदद को तैयार नहीं होता, जबकि यह दूर से परायों की मदद करने आए हैं। भगवान खुद नहीं आते तो क्या वह किसी न किसी को भेजते जरूर है।
राधा, मरीज का परिजन (भीमसेन) यूपी के रामपुरा निवासी

'हम दोस्तों ने मानव सेवार्थ एक गु्रप बना रखा है। इसमें कई समाजसेवी भी जुड़े हैं। हमारा गु्रप अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सेवा करता है। पीबीएम के कैंसर अस्पताल में मरीजों की जरूरत के हिसाब से मदद की व खाद्य सामग्री भेंट की गई।
सुखविन्दर सिंह, भामाशाह

Updated on:
17 Sept 2018 09:33 am
Published on:
17 Sept 2018 09:33 am