
बीकानेर. पारा गिरने के साथ मच्छरों की संख्या तो कम हो रही है, लेकिन डेंगू फैलाने वाले 'टाइगरÓ यानी एडीज मच्छर नमी की वजह से अधिक खतरनाक हो गए हैं। एडीज मच्छर के डंक के शिकार लोगों की सरकारी व निजी अस्पतालों में भीड़ लग गई है। हालात ये हैं कि संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल के सभी मेडिसिन वार्ड फुल है। मरीजों को जमीन पर लिटाया जा रहा है।
इससे चिकित्सा प्रशासन में हलचल बढ़ गई है। चिकित्सा विभाग ने सभी चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के साप्ताहिक अवकाश व छुट्टियों पर रोक लगा दी है। एडीज मच्छरों के घरों में हमला करने के बाद जब सरकारी अस्पतालों में बुखार पीडि़तों का आंकड़ा बढ़ा, तो चिकित्सा और एसपी मेडिकल कॉलेज व पीबीएम अस्पताल प्रशासन चेता है। आनन-फानन में अधूरी व्यवस्था के साथ मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
छह हजार मरीजों की जांच
पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. बीएल मीणा के मुताबिक जनवरी से अब तक डेंगू की आशंका के चलते ६२९७ मरीजों के सैम्पलों की जांच की गई, जिसमें से १८९ में पॉजिटिव पाए गए। इनमें सात मरीजों की मौत हो गइ। इनमें तीन बीकानेर, दो श्रीगंगानगर और एक चूरू जिले का है। मेलेरिया की आशंका के चलते ८६११ मरीजों की जांच कराई, जिसमें से १०२ पॉजिटिव आए। चिकनगुनिया की आशंका से १९ मरीजों की जांच कराई गई, जिसमें से एक पॉजिटिव आया।
जरूरत होने पर कराते जांच
पीबीएम अस्पताल में मलेरिया व डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन चिकित्सक बुखार पीडि़त को डेंगू की जांच न कराकर सामान्य उपचार देकर घर भेज देते हैं। जब मरीज निजी लैब से जांच कराते हैं तो उनमें डेंगू की पुष्टि होती है। चिकित्सकों का तर्क है कि पांच दिन उपचार देने के बाद जरूरत होने पर डेंगू की आईजीएम जांच कराते हैं।
मच्छरों को न पनपने दें
चिकित्सा अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे जागरूक रहें। आशंका है कि डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर तापमान कम होने पर खुले स्थानों की जगह घरों में ज्यादा पनपते हैं। इससे डेंगू का प्रकोप कम होने की बजाय बढ़ रहा है। घरों में फ्रिज की ट्रे, मनीप्लांट पॉट आदि मच्छरों के लिए मुफीद ठिकाने हो सकते है। ऐसे में इनका पानी नियमित बदलना चाहिए।
संक्रमण का खतरा
पीबीएम अस्पताल में प्रशासन की लापरवाही के चलते मरीजों में संक्रमण की आशंका गहरा रही है। सभी वार्डों व गैलरियों में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं और कहीं भी मल-मूत्र त्याग देते हैं। वार्डों में चूहों की भी भरमार है।
छुट्टी रद्द
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि डेंगू, मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों के मद्देनजर जिलेभर के मेडिसिन चिकित्सा अधिकारियों एवं नर्सिंग स्टाफ के साप्ताहिक अवकाश व छुट्टियां रद्द कर दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, ये आदेश लागू रहेंगे। वहीं एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी साप्ताहिक अवकाश व छुट्टियों पर रोक लगा दी है।
यूं करें एडीज मच्छर की पहचान
एडीज मच्छर का सिर आगे की ओर काफी झुका होता है। काले पंख व सफेद चकतेदार पैर होते हैं। यह अधिकतर अंधेरे में ही रहता है और ज्यादातर सुबह के समय सक्रिय होता है। यह दिन के समय ही
काटता है।
एेसे करें बचाव
शरीर ढंक कर रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
रात को सोते समय मच्छरदानी और मच्छररोधी दवा का
इस्तेमाल करें।
खिड़की, दरवाजे बंद रखें, घर के अंदर-बाहर या छत पर ऐसी
चीज न रखें, जिसमें पानी जमा हो सकता है।
किचन और बाथरूम की नालियां साफ रखें।
पीने का पानी ढंक कर रखें।
मनीप्लांट के पानी को हर दूसरे-तीन दिन बदलें, कूलर के पानी
को सुखाएं।