
बीकानेर केन्द्रीय कारागार परिसर में विचाराधीन बंदी एक पेड़ से फंदा लगाकर झूल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। जेल में ही बंदी के इस तरह खुले में फांसी लगाने की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की फिर पोल खोल कर रख दी।
बीछवाल सीआई धीरेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया कि कारागार में श्रीडंूगरगढ़ के कालवास निवासी बजरंग पुत्र शंकरलाल भारती ने जेल अस्पताल परिसर में पेड़ पर फंदा लगाया और उस पर झूल गया।
घटना का पता चलने पर जेल अधिकारियों ने शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और बीछवाल पुलिस को सूचना दी। बंदी बजरंग हत्या के मामले में विचाराधीन बंदी था। बंदी के फांसी लगाने के मामले की जांच मजिस्ट्रेट कर रहे हैं।
सबसे ऊपरी शाखा पर लगाया फंदा
जेलर पारस जांगिड़ के अनुसार हत्या के मामले में विचाराधीन बंदी बजरंग भारती काफी दिनों से तनाव में था। बंदियों को बैरक में भेजने के लिए गिनती की जा रही थी। इस दौरान उसने पेड़ पर चढ़कर फांसी लगा ली।
बंदियों की गिनती में कम होने पर उसकी तलाश की तो वह पेड़ से लटका मिला। पेड़ पर भी उसने एकदम ऊपरी शाखा से फंदा लगाया, जिससे वह पेड़ की पत्तियों में छिप गया और दिखाई नहीं दिया।