Probation: यदि किसी कर्मचारी का दो वर्ष का परीवीक्षाकाल सफ लतापूर्वक पूरा करने के बाद छह माह की अवधि में स्थाई नहीं किया जाता है, तो ऐसा कर्मचारी स्थाई माने जाने का हकदार होगा।
बीकानेर. Probation Rule In Rajasthan: राज्य सरकार की विभिन्न सेवाओं में नियुक्त कर्मचारियों को अब स्थाईकरण आदेश के लिए ज्यादा भाग दौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कार्मिक विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर विभिन्न विभागों में परिवीक्षा काल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए स्थाईकरण की राह आसान कर दी है। संयुक्त शासन सचिव जयसिंह ने एक अधिसूचना जारी कर राजस्थान विभिन्न सेवा संशोधन नियम 2022 में ये प्रावधान कर दिया है, जिसमें 119 विभागों के सेवा नियमों में कतिपय मामलों में स्थाईकरण से संबंधित वर्तमान नियम के उपनियम 1 में संशोधन किया है कि यदि किसी कर्मचारी का दो वर्ष का परीवीक्षाकाल सफ लतापूर्वक पूरा करने के बाद छह माह की अवधि में स्थाई नहीं किया जाता है, तो ऐसा कर्मचारी अपनी वरिष्ठता के अनुसार स्थाई माने जाने का हकदार होगा। इसके लिए सबंधित कर्मचारी को अपनी परिवीक्षा अवधि संतोषजनक रूप से पूरी करनी होगी। कार्मिक विभाग द्वारा 4 फ रवरी 2022 को जारी अधिसूचना में इस नियम को 20 जनवरी 2006 से लागू माना गया है।
इससे पूर्व के नियमों में स्थाईकरण के आदेश होना जरूरी था। इनके अभाव में पदोन्नति, एसीपी आदि के प्रकरण अटक जाते थे। कार्मिक विभाग के इन नियम संशोधन आदेशों के बाद सीधी भर्ती से नियुक्त किसी कर्मचारी के निर्धारित अवधि में स्थाईकरण आदेश जारी नहीं भी किए जाते हैं, उसे स्थाई माना जाएगा।
119 विभागों के नियमों में संशोधन
कार्मिक विभाग की अधिसूचना में 119 सरकारी विभागों के सेवा नियमों में स्थाईकरण के किए गए प्रावधानों में ये संशोधन लागू किए गए हैं। इनमें राजस्थान प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, लेखा सेवा, राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा, चिकित्सा सेवा सहित करीब सभी विभाग शामिल हैं।