राजमार्ग-15 से शेखसर-खोडाला को जाने वाली सड़क पर बने रेलवे फाटक से दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लूणकरनसर. मलकीसर-पीपेरां रेलवे स्टेशन के समीप राजमार्ग-१५ से शेखसर-खोडाला को जाने वाली सड़क पर बने रेलवे फाटक से दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलमार्ग से दिनभर गाडिय़ों के आवागमन से लोगों को रेलवे फाटक पर लगे जाम में घंटों तक इंजतार करना पड़ता है।
गौरतलब है कि राजमार्ग-१५ से खोडाला को निकलने वाली सम्पर्क सड़क से ग्राम पंचायत कपूरीसर, शेखसर, गोपल्याण, राजासर उर्फ करणीसर, ढाणी पाण्डूसर व सुंई के करीब डेढ़ दर्जन गांव जुड़े हुए है। इसके अलावा चूरू जिले की सरदारशहर तहसील के सीमावर्ती गांवों के लोगों का भी आवागमन रहता है लेकिन रेलमार्ग से दिनभर पैसेंजर व मालगाडिय़ों के साथ करीब ४० से अधिक ट्रेनें गुजरने से हर आधा-पौने घण्टे में मलकीसर-पीपेरां का रेलवे फाटक बंद रहने से लोगों को परेशानी रहती है।
कई बार नजदीक के रेलवे स्टेशन पर गाडिय़ों के क्रॉस होने से फाटक लम्बे समय तक बंद रहता है। इससे दोनों और वाहनों की कतार से जाम की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा शेखसर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से कई बार आपातस्थिति में रोगियों को बीकानेर या लूणकरनसर रेफर करने पर भी बंद फाटक से परेशानी झेलनी पड़ती है।
रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए फाटक पर रेलवे अण्डरब्रिज बनाने के मांग अरसे से उठ रही है। गौरतलब है कि लूणकरनसर के पश्चिम दिशा के रेलवे फाटक पर भी राजमार्ग-१५ से रोझां चौराहे तक ओवरब्रिज बनाने की मांग भी कई संगठनों ने उठाई है। इससे लोगों को काफी सुविधा होगी तथा राजमार्ग-१५ पर रेलवे फाटक बंद होने से लगने वाले जाम से निजात मिल पाएगी।
पर्याप्त जगह
पीपेरां गांव के युवा रणजीत सिंह गोदारा ने बताया कि यहां के रेलवे फाटक पर अण्डरब्रिज व ओवरब्रिज के लिए यहां पर्याप्त जगह है। गत वर्ष में उपखण्ड अधिकारी की मौजूदगी में रेलवे के अधिकारियों ने आयूबी निर्माण को लेकर सर्वे किया था तथा पूरी रिपोर्ट अनुकूल पाई गई।
स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा भी आयूबी बनने पर सहयोग के लिए सहमति दी थी। लेकिन रेलवे विभाग द्वारा आयूबी बनाने को लेकर वर्तमान में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐस में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।