मशीनों से टिकट नहीं बनने के कारण समय ज्यादा लग रहा है। नए परिचालकों को पुरानी पद्धति को समझने में दिक्कत आ रही है।
रोडवेज बसों में टिकट काटने के लिए दी गई मशीनें खराब होने के कारण टिकट काटने के लिए जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है। बीकानेर आगार में टिकट काटने की ईटीएम मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी है। परिचालकों मजबूरन पुरानी पद्धति (टिकट डायरी) से हाथ से टिकट बनाने पड़ रहे हैं।
इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीनों से टिकट नहीं बनने के कारण समय ज्यादा लग रहा है। नए परिचालकों को पुरानी पद्धति को समझने में दिक्कत आ रही है। वहीं दूसरी ओर मशीनें खराब होने कारण टिकट निकालने में त्रुटियां सामने आ रही हैं। इससे उपयुक्त टिकट नहीं बन पा रहे हैं।
गिर रहा यात्री भार
मशीनें खराब रहने का खमियाजा रोडवेज आगार को भुगतना पड़ रहा है। टिकट काटने में होने वाली समस्या के चलते कई बार रास्ते में बसें रोकते नहीं है, इससे यात्री भार गिर रहा है। सूत्रों की माने तो ईटीएम मशीनें खराब
होने के बाद 40 प्रतिशत यात्री भार गिर गया है।
इसके अलावा बसों का शिड्युल भी प्रभावित हो रहा है। गौरतलब है कि रोडवेज ने टिकट मशीनें उपलब्ध कराने का काम पीपी मोड पर निजी फर्म को दे रखा है और अनुबंधक कम्पनी की लापरवाही का खामियाजा परिचालकों को भुगतना पड़ रहा है।
किया जा रहा जुगाड
बीकानेर आगार से चलने वाली 122 बसों के लिए १७२ मशीनों की आवश्यकता है जबकि वर्तमान में 115 मशीनें ऑन लाइन हैं, वहीं 31 मशीनें खराब हैं, जिनको मरम्मत करके चलाया जा रहा है। 25 मशीनें एकदम नकारा हो चुकी हैं। जिन्हें जयपुर मुख्यालय भेज दिया है। जो मशीनें काम में ली जा रही हैं, उनको एक-दूसरे के पार्ट या बैट्री निकाल कर जुगाड़ किया जा रहा है।
बीकानेर आगार में ईटीएम शाखा में कर्मचारियों को इनको चालू करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। बार-बार इन मशीनों को खोलकर बैट्री को दबाकर रखना पड़ता है, ताकि वो चल जाएं तो कम्प्यूटर से जुड़ जाए। बसों के शिड्युल के हिसाब से परिचालक ईटीएम लेकर रवाना होते हैं, लेकिन साथ में उन्हें टिकट डायरी भी लेकर चलना पड़ता है, मशीन बीच में ही अटक जाती हैं।
मुख्यालय को कराया अवगत
&कई मशीनें खराब है, कुछ दुरुस्त होकर आ रही है लेकिन नई मशीनें नहीं है। इससे परिचालकों को परेशानी हो रही है। वस्तुस्थिति से मुख्यालय को अवगत करवा दिया है।
रवि सोनी, आगार प्रबंधक