रेलवे स्टेशन पर सबसे बड़ी और सबसे छोटी पगडिय़ा स्थाई रूप से प्रदर्शित
बीकानेर. बीकानेर रेलवे स्टेशन पर आने और जाने वाले यात्रियों के लिए अब परम्परागत राजस्थानी पगडिय़ा आकर्षण का केन्द्र बनेगी। स्टेशन के एक नम्बर प्लेटफार्म पर विशेष रूप से बनाए गए पीवीसी कैबिन में सबसे बड़ी और सबसे छोटे आकार की पगडिय़ों को स्थाई रूप से प्रदर्शित किया गया है। त्रिकोण आकार का कैबिन पांच फुट गुणा बाई सात फुट है। पगड़ी कलाकार पवन व्यास की ओर से बांधी गई सबसे बड़ी 1579 फुट पगड़ी को फाईबर से एक व्यक्ति की बनाई गई डमी के सिर पर रखा गया है। जबकि सबसे छोटी 25 से अधिक विभिन्न प्रकार की एक से तीन सेंटीमीटर आकार तक की पगडिय़ों को कांच की ट्यूब पर रखा गया है।
रोट्रेक्टर मरुधरा क्लब की ओर से राजस्थानी पगड़ी कला को आमजन तक पहुंचाने के लिए रेलवे स्टेशन पर रेलवे की मदद से प्रदर्शित किया गया है। रविवार को बीकानेर रेलवे मजिस्ट्रेट राजेन्द्र साहू और भाजपा नेता महावीर रांका ने इसका उद्घाटन किया।पगड़ी कलाकार पवन ने बताया कि स्टेशन पर प्रदर्शित की गई सबसे बड़ी पगड़ी बागोर की हवेली में प्रदर्शित की गई पगड़ी से दस गुना बडे आकार की है। इस अवसर पर रोटरी क्लब के डीजी हरीश गौड उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्लब अध्यक्ष आशीष किराडू, क्लब के जेडआरआर अधिवक्ता मुकुंद व्यास, उमाकांत व्यास, विनय बिस्सा, मणि शंकर छंगाणी, निधि शंकर मोदी, देवेन्द्र तंवर, अनुराग शर्मा, राजेन्द्र भादाणी, ध्रुव व्यास, मनोज खत्री, ज्योति प्रकाश रंगा, अमित पुरोहित आदि मौजूद रहे।