
दिनेश स्वामी/बीकानेर.सबसूं बड़ी समस्या गरीबी री है, घर में बिजली कोयनी, राशन मिल कोयनी। म्हारो कयोड़ो काम करसी बिन वोट देस्यां। चाई कोई भी होवे।' कोलायत विधानसभा क्षेत्र के मड़ गांव के पास व्हाइट क्ले (सफेद मिट्टी) की खान में पत्थराई मिट्टी को हथोड़ी से तोड़ती मंजू ने चुनाव पर कुछ इसी तरह प्रतिक्रिया व्यक्त की। मंजू के साथ काम में जुटी अन्य महिलाएं बोली, 'खाली बिजली सूं भी काईं कोनी होसी।
राशन मिळणो चाईजे, पांच रुपयांगो फायदा होणो चाईजे।' बगल में चार साल का बच्चा सफेद बेसकीमती मिट्टी के ढेर के पास धूप में बैठा दिखा तो समझ में आया कि ये मजदूर महिलाएं गरीबी को सबसे बड़ी समस्या क्यों बता रही हैं। दरअसल मैं कोलायत विधानसभा के मतदाताओं का 'जन-मनÓ टटोलने निकला था। पहले ही पड़ाव में नेताओं के 'गरीबी हटाओ और गरीबों को हटाओ' जैसे नारों से इतर गरीबी से जूझते लोग दिखे।
इस चुनावी यात्रा की शुरुआत बीकानेर-जैसलमेर हाईवे पर करीब २० किलोमीटर चलने के बाद सड़क किनारे गजनेर गांव से की। यहां से कोलायत विधानसभा क्षेत्र शुरू हो जाता है। हाईवे की चमचमाती सड़क और दोनों तरफ मिट्टी की जगह बजरी बिछा होना बता रहा है कि इस विधानसभा क्षेत्र की जमीन में भरपूर खनिज सम्पदा है।
आगे कोलायत कस्बे की ओर बढऩा शुरू किया। तीस किलोमीटर ही आगे सड़क पार कर रही बकरियों के लिए रुकना पड़ा। बकरियों के पीछे चल रहे गांव इंदासिंहवाला के चरवाहे गुमानाराम से पूछा तो कहने लगे, 'अनपढ़ हूं, ज्याद कुछ नहीं जानता। बस वोट देना है, दे देंगे।' उनका खुद का मकान नहीं है, बकरियों के बीमार होने पर इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं। कई बकरियां बीमारी से मर जाती हैं। घर में शौचालय भी नहीं है। इस तरह गुमानाराम ने बीकानेर जिला ओडीएफ की कलई भी खोल दी।
आगे बढ़े और कोलायत कस्बे में जा पहुंचे। यहां कपिल मुनी के मंदिर और सरोवर की ख्याति देशभर में है। देशी-विदेशी हजारों पर्यटक यहां आते हैं। कपिल सरोवर देख सुखद लगा कि सरोवर का स्वरूप पांच साल में कुछ निखरा है। पहले सरोवर में कचरा और जलीय वनस्पति से अटा होने से हालात खराब थे जो अब साफ-सुथरा है।
पुराने घाटों की मरम्मत भी हुई है। मौजूद लोगों ने कहा कि भामाशाहों के आर्थिक सहयोग से ज्यादा काम हुए हैं। पूर्व विधायक देवीसिंह भाटी के कार्यकाल में स्वीकृत कुछ राशि के काम पिछले पांच साल में पूरे हुए, वहीं कुछ काम प्रधान तथा मौजूदा विधायक भंवरसिंह पुरोहित के प्रयास से भी हुए हैं।
कोलायत के पुरुपोषत पुरोहित ने बताया कि कोलायत को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की जरूरत है। सरोवर में जल बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण और खनन हो रहा है। इस पर अंकुश लगने से ही सरोवर का मूल स्वरूप सुरक्षित रह पाएगा। कस्बे में चाय पीने एक होटल पर रुके। यहां मिले सेवानिवृत्त शिक्षक शमशेर सिंह ने कहा कि बारिश नहीं होने से यहां का किसान हताश और निराश है।
रफाल, जीएसटी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दों पर ग्रामीण ज्यादा ध्यान नहीं देते। यहां के स्थानीय मुद्दे सड़क, बिजली, पानी हैं। मतदाताओं की सोच बदल रही है, जागरूकता भी आई है। पिछले चुनाव में देशभर में मोदी की लहर के बाद भी लगातार विधायक रहे देवीसिंह भाटी हार गए थे। जनता सबकी सुनेगी, लेकिन करेगी अपने मन की। ज्यादा वोट पार्टी को देखकर देते हैं, जातिगत कुछ प्रभाव रहता है।
मोटासर के नसीर खां ने कहा कि पांच साल में कुछ नहीं बदला है। सड़कें टूटी पड़ी हैं, किसानों को कुछ मिला नहीं। अकाल पड़ा हुआ है, ना कोई मनरेगा का काम हो रहा है। कोलायत से बज्जू की तरफ बढ़े तो टूटी और गड्ढों से दो-चार हुए। हाईवे की चमचमाती सड़क का चढ़ा चश्मा अब उतर गया। सफेद-काली बजरी की खानें, सफेद क्ले और जिप्सम की खानों से उड़ता पाउडर भी दिखने लगा।
गांव मड़ में पीपल के नीचे बैठे मिले ग्रामीण मदनलाल और छगनलाल ने कहा कि पास की खानों में मजदूरी करते हैं। खान मालिक लाखों कमाते हैं, लेकिन मजदूरों को नाममात्र की मजदूरी मिलती है। खानों के प्रदूषण से ग्रामीण श्वांस रोग से ग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीण जुगल और शंकरलाल ने कहा कि बेसकीमती सफेद-काली बजरी, जिप्सम, क्ले के खनन से बड़े लोग ही तिजोरियां भर रहे हैं।
शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। आगे बढ़े तो खेतों में सूखी ग्वार, बाजारा की फसल के डंठल बता रहे थे कि बारिश नहीं होने से फसल चौपट हो चुकी है। माधोगढ़ गांव की रोही के खेत में काम कर रहे जगमालाराम ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी, खराब हुई फसल का मुआवजा और पटवारी से सही गिरदावरी कराने की व्यवस्था ही उनका चुनावी मुद्दा है।
आगे गांव बींठनोक पहुंचे, यहां पेयजल, सड़क, चिकित्सा और शिक्षा के मुद्दे सामने आए। स्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी नरेन्द्र ने कॉलेज के मुद्दे का जिक्र भी कर दिया, जो दस साल से भाजपा और कांग्रेस के बीच फुटबॉल बना हुआ है। नरेन्द्र ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष २०१३ के चुनाव से ठीक पहले कोलायत में सरकारी कॉलेज की घोषणा की। फिर भाजपा की सरकार बन गई और कॉलेज ठंडे बस्ते में चला गया।
अब मुख्यमंत्री ने गौरव यात्रा में सरकारी कॉलेज की स्वीकृति जारी करने की घोषणा की है। ग्रामीण गजेसिंह ने पेयजल की समस्या बताई तो अन्य ने शौचालय और सड़क पर बात की। सांखला फांटा पर ग्रामीणों ने खनन से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव पर चिंता जताई।
इलाके को सिरेमिक हब बनाने और खनन से सरकार को होने वाली आय का आधा हिस्सा इलाके में ही खर्च करने बाध्यता लागू करने की मांग की। भाजपा के देवीसिंह भाटी और कांग्रेस के भंवरसिंह भाटी के बीच हार-जीत का अंतर बहुत कम था। एेसे में इस बार भी चुनाव में दोनों आमने-सामने होंगे, एेसा जनता का मानना है।
श्रीकोलायत विस मतदाता
पुरुष : १,२०,८९२
महिला : १,०४,५५१
कुल : २,२५,४४३
१९८० से २००८ तक विस चुनाव जीते देवीसिंह भाटी
२०१३ से वर्तमान में
विधायक भंवरसिंह भाटी