रामनवमी - तेलीवाड़ा चौक रघुनाथ मंदिर में दशकों से चल रही परम्परा
बीकानेर. भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव रामनवमी पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। राम मंदिरों में अभिषेक-पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन होते है। सुंदरकांड पाठ, नवाह्न पारायण पाठ सहित रामचरित मानस पाठ की चौपाईयां गूंजती है। राम मंदिरों में अलसुबह से देर रात तक धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन होते है। बीकानेर के तेलीवाड़ा चौक िस्थत रघुनाथ मंदिर में इस दिन भगवान श्रीराम की जन्मकुंडली के वाचन की अनूठी परम्परा है। बताया जा रहा है कि यह परम्परा दशकों से चल रही है। इस दौरान भगवान राम, सीता और कृष्ण की मूर्तियों का अभिषेक, पूजन कर आरती की जाती है। पंचामृत और प्रसाद का वितरण होता है।
हनुमान को सुनाते है रामचन्द्र की कुंडली
रामनवमी के दिन मध्याह्न के समय मंदिर परिसर में स्थापित वीर हनुमान की मूर्ति के समक्ष भगवान श्रीराम की जन्मकुंडली का वाचन होता है। रघुनाथ महोत्सव समिति से जुड़े विष्णुदत्त व्यास के अनुसार इस बार 10 अप्रेल को इस परम्परा का निर्वहन होगा।
दशकों से चल रही परम्परा
तेलीवाड़ा चौक रघुनाथ मंदिर में भगवान रामचन्द्र की कुंडली का वाचन दशकों से चल रहा है। व्यास के अनुसार रामनवमी के दिन पुटिया महाराज ने दशकों तक मंदिर में रामचन्द्र की कुंडली का वाचन किया। वर्तमान में लक्ष्मीनारायण रंगा जन्मकुंडली का वाचन कर रहे है। लक्ष्मीनारायण पिछले 34 वर्षो से इस परम्परा को निभा रहे है।
राम और सीता के साथ कृष्ण की मूर्ति
तेलीवाड़ा चौक रघुनाथ मंदिर में भगवान श्रीराम और सीता की मूर्ति के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भी मूर्ति है। बताया जा रहा है कि यह अनूठी मूर्ति है, जिसमें राम और सीता के साथ कृृष्ण है।